सेल्यूलॉइड टेप से बनाया फिंगर प्रिंट: 3 स्टेप में दिया चकमा, BSF परीक्षा में लगाई सेंध; खुलासा हुआ तो उड़े होश
आगरा में सेल्यूलॉइड टेप से नकली फिंगर प्रिंट बनाया। इसके बाद तीन स्टेप में चकमा देकर BSF परीक्षा में सेंध लगाई। खुलासा हुआ तो सभी के होश उड़ गए।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ट्रेड्स मैन भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा में सॉल्वर गैंग ने तीन तरीके से सेंध लगाई थी। एक तो परीक्षार्थी का फर्जी आधारकार्ड तैयार किया था। दूसरा प्रवेश पत्र पर लगी फोटो को धुंधला कर दिया। इसके बाद तीसरा तरीका नकली फिंगर प्रिंट का था। यह प्रिंट सेल्यूलॉयड टेप से बनाया गया था। इस कारण सॉल्वर बायोमेट्रिक सत्यापन में नहीं पकड़ा गया। पुलिस ने गिरफ्तार सरगना, सॉल्वर और अभ्यर्थी को मंगलवार को जेल भेज दिया।
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि फिरोजाबाद निवासी विकास कुमार, हरिओम कुमार और अजय कुमार को सोमवार को ताजगंज स्थित ज्ञान भारती कॉलेज ऑफ एजुकेशन में फर्जी तरीके से परीक्षार्थी बैठाने के मामले में पकड़ा था। आरोपियों से 3 आधारकार्ड, 5 फिंगर प्रिंट, 2 बाइक, 3 मोबाइल, 12,280 रुपये बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि विकास सॉल्वर है।
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बीएससी पास है सॉल्वर विकास
पुलिस की पूछताछ में विकास ने बताया कि वह बीएससी पास है। पढ़ने में अच्छा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कर रहा है। अजय उसका दोस्त है। उसने ही विकास को रुपयों का लालच दिया। तब वो सॉल्वर बनकर परीक्षा में बैठा था। अजय ने परीक्षार्थी के स्थान पर परीक्षा देने पर एक लाख रुपये देने का वादा किया था।दस हजार हजार रुपये परीक्षा के बाद, बाकी रकम परीक्षा पास करने पर थी। वह लालच में आ गया। हरिओम के आधारकार्ड पर उसका फोटो लगाया। ई-एडमिटकार्ड के फोटो को धुंधलाकर प्रिंट निकाल लिया। उनके अंगूठा के फर्जी फिंगर प्रिंट बनाकर विकास को दिए थे, जिससे वह पेपर देते समय पकड़ा न जा सके। वह परीक्षा देने में सफल हो गया।
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अजय के भाई राममोहन के स्थान पर भी परीक्षा देने के लिए कुनाल प्रोफेशनल एजूकेशन एकेडमी की द्वितीय पाली की परीक्षा में बैठना था। मगर, पुलिस ने पकड़ लिया। अजय कोचिंग में तैयारी करने वाले ऐसे छात्रों की तलाश में रहता है, जोकि पढ़ाई में कमजोर होते हैं। परीक्षा में पास कराने का आश्वासन देता है। 1 से 2 लाख रुपये लेता है। उसने हरिओम के 5 फर्जी फिंगर प्रिंट तैयार किये थे। यह विकास को दिए थे।
सेल्यूलॉइड टेप और ग्लू स्टिक से बना रहे अंगूठे का फिंगर प्रिंटपुलिस की मानें तो बायोमेट्रिक से बचने के लिए सॉल्वर गैंग 2 तरीके से नकली फिंगर प्रिंट तैयार कर रहे हैं। जनवरी में एक गैंग पकड़ा था, जोकि पोटाश, ग्लू स्टिक, फेवीकोल, ज्योमेट्री बॉक्स से फिंगर प्रिंट तैयार करता था। ग्लू को पिघलाकर, फेवीकोल और पोटाश मिलाकर, रंग व इत्र डालकर अंगूठे का निशान तैयार करता था।
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दूसरा तरीका सेल्यूलॉयड टेप से फिंगर प्रिंट तैयार करने का है। थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र शंकर पांडेय ने बताया कि सेल्यूलॉइड टेप काफी पतला होता है। इस पर आरोपी अभ्यर्थी का फिंगर प्रिंट लेते थे। दूसरी तरफ से सॉल्वर अपने अंगूठे पर इसे चिपका लेता था, जिससे पकड़ा नहीं जाता था। बायोमेट्रिक भी हो जाता है।