आगरा: मेट्रो स्टेशन के लिए आरबीएस कॉलेज में मिट्टी की जांच हुई शुरू
आगरा में मेट्रो रेल परियोजना गति पकड़ रही है। ताजनगरी के सात स्टेशनों के लिए 500 जगह की सैंपलिंग होगी। 250 से अधिक नमूनों की जांच पूरी हो चुकी है।
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आगरा में ताजमहल से आरबीएस कॉलेज तक भूमिगत मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए मिट्टी की जांच शुरू हो गई है। आरबीएस कॉलेज में बैरिकेडिंग कर शनिवार को नमूने लिए गए हैं। उधर, ताजमहल, आगरा फोर्ट व जामा मस्जिद पर मिट्टी की जांच पूर्ण हो चुकी है। सात स्टेशनों के लिए 500 जगह जांच होगी। जिनमें 250 नमूनों की जांच पूरी हो चुकी है।
फतेहाबाद रोड से लेकर आरबीएस तक करीब 10 किमी. कॉरिडोर पर मेट्रो कार्य शुरू हो गए हैं। ताजपूर्वी, बसई और फतेहाबाद रोड स्टेशन पर पाइलिंग, पिलर व टी-गर्डर कार्य पूर्ण हो चुका है। यहां एलिवेटिड स्टेशन का स्वरूप दिया जा रहा है। इधर, ताजमहल, आगरा फोर्ट व जामा मस्जिद भूमिगत स्टेशन पहले आकार लेंगे। इस तरह इन छह स्टेशन के बीच मेट्रो का ट्रायल होगा।
शुरू हो गई सैंपलिंग
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने सभी सात स्टेशन के डिजाइन पर काम शुरू कर दिया है। एसएन मेडिकल, आगरा कॉलेज, राजामंडी पर मिट्टी जांच पिछले सप्ताह से जारी है, जबकि शनिवार को आरबीएस कॉलेज में भी बैरिकेडिंग कर सैंपलिंग शुरू हो गई है। इन सात स्टेशन पर 1820 करोड़ रुपये यूपीएमआरसी खर्च करेगा।
इसलिए होती है मिट्टी की जांच
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरिवंद राय के मुताबिक जांच के दौरान मिट्टी की प्रकृति जांची जाती है। उसी आधार पर डिजायन बनता है। उन्होंने बताया कि मिट्टी की जांच में भूजल स्तर, पानी का दबाव व भार धारण क्षमता जांच होती है। उन्होंने बताया कि आरबीएस कॉलेज पर 40 मीटर गहराई तक सैंपलिंग होगी। इसके साथ ही अब सभी स्टेशन पर काम फैल गया है। दो साल में पहले चरण के तीन भूमिगत स्टेशन तैयार हो जाएगा। बाकी चार स्टेशन में दो साल का वक्त लगेगा।
29.4 किमी के दो कॉरिडोर में बनेंगे 27 स्टेशन
ताजनगरी में 29.4 किमी लंबे दो कॉरिडोर का मेट्रो नेटवर्क बनना है, जिसमें 27 स्टेशन होंगे। ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच 14 किमी लंबे पहले कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कॉरिडोर में 13 स्टेशनों का निर्माण होगा। जिसमें 6 एलीवेटिड जबकि 7 भूमिगत स्टेशन होंगे।
इस कॉरिडोर के लिए पीएसी परिसर में डिपो का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच लगभग 16 कि.मी. लंबे दूसरे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 14 ऐलीवेटेड स्टेशन होंगे। इस कॉरिडोर के लिए कालिंदी विहार क्षेत्र में डिपो का निर्माण किया जाएगा।