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अब तक चार राष्ट्रपति कर चुके हैं प्रेसिडेसियल स्पेशल ट्रेन की यात्रा
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टूंडला रेलवे स्टेशन, जहां से गुजरेगी प्रेसिडेंसियल ट्रेन
- फोटो : TUNDLA
टूंडला (फिरोजाबाद)। आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रेसिडेंशियल स्पेशल ट्रेन से नई दिल्ली से कानपुर की अपनी यात्रा में टूंडला से होकर गुजरेंगे। इससे पहले प्रेसिडेंशियल स्पेशल ट्रेन से प्रथम राष्ट्रपति सहित चार राष्ट्रपति यात्रा कर चुके हैं।
अभी तक 87 बार महाराजा स्पेशल ट्रेन का प्रयोग किया जा चुका है। सबसे पहले इस ट्रेन में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1950 में सफर किया था। वे इस ट्रेन से दिल्ली से कुरुक्षेत्र तक गए थे। उनके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1977 में और डॉ. नीलम संजीवा रेड्डी ने भी इस ट्रेन से यात्रा की है। इसके 26 साल बाद 30 मई 2003 को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने बिहार तक इस ट्रेन में सफर किया था। तब से 18 वर्ष बीतने के बाद भी यह स्पेशल ट्रेन दिल्ली में ही खड़ी रहती है।
अब 25 जून 2021 को देश की आजादी के बाद पहली बार यह सैलून दिल्ली-कानपुर रेलखंड पर दौड़ेगा। इस सैलून में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मौजूद रहेंगे। टूंडला के लिए यह दिन और भी खास इसलिए हो जाता है क्योंकि पहली बार ही ऐसा हो रहा है कि आजादी के बाद कोई राष्ट्रपति टूंडला से होकर गुजरेंगे। उनके इस आगमन के लिए खास व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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दो कोचों की है प्रेसिडेंसिल स्पेशल ट्रेन
टूंडला। रेल अधिकारियों के अनुसार यूं तो यह स्पेशल ट्रेन दो कोच की है जिसका नंबर 9000 और 9001 है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अन्य कोच जोड़े जा सकते हैं। ये दोनों कोच पूर्ण सुविधाओं से लैस हैं, इसलिए इसे प्रेसिडेंशियल ट्रेन भी कहा जाता है।
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अभी तक 87 बार महाराजा स्पेशल ट्रेन का प्रयोग किया जा चुका है। सबसे पहले इस ट्रेन में देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने वर्ष 1950 में सफर किया था। वे इस ट्रेन से दिल्ली से कुरुक्षेत्र तक गए थे। उनके बाद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन वर्ष 1977 में और डॉ. नीलम संजीवा रेड्डी ने भी इस ट्रेन से यात्रा की है। इसके 26 साल बाद 30 मई 2003 को राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने बिहार तक इस ट्रेन में सफर किया था। तब से 18 वर्ष बीतने के बाद भी यह स्पेशल ट्रेन दिल्ली में ही खड़ी रहती है।
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अब 25 जून 2021 को देश की आजादी के बाद पहली बार यह सैलून दिल्ली-कानपुर रेलखंड पर दौड़ेगा। इस सैलून में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मौजूद रहेंगे। टूंडला के लिए यह दिन और भी खास इसलिए हो जाता है क्योंकि पहली बार ही ऐसा हो रहा है कि आजादी के बाद कोई राष्ट्रपति टूंडला से होकर गुजरेंगे। उनके इस आगमन के लिए खास व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
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दो कोचों की है प्रेसिडेंसिल स्पेशल ट्रेन
टूंडला। रेल अधिकारियों के अनुसार यूं तो यह स्पेशल ट्रेन दो कोच की है जिसका नंबर 9000 और 9001 है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अन्य कोच जोड़े जा सकते हैं। ये दोनों कोच पूर्ण सुविधाओं से लैस हैं, इसलिए इसे प्रेसिडेंशियल ट्रेन भी कहा जाता है।