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39 लोगों पर स्पुतनिक का ट्रायल हुआ पूरा
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आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में रूसी वैक्सीन स्पुतनिक का ट्रायल पूरा हो गया है। 39 लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लगने पर भरपूर एंटीबॉडी बनी हैं। इनके अंतिम नमूने 31 जुलाई को लैब भेजे जाएंगे।
ट्रायल के प्रभारी डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि स्पुतनिक का ट्रायल जनवरी में शुरू हुआ था, जिसमें 18 साल से अधिक उम्र के 47 लोगों ने पंजीकरण कराया। इसमें से 39 लोगों को वैक्सीन की 28 दिन के अंतराल में दो डोज लगाए गए। आठ लोग किन्हीं कारणों से ट्रायल में भाग नहीं ले पाए। छह महीने के ट्रायल में हर महीने लोगों के नमूने लेकर मुंबई लैब भेजे गए, जहां पर कई तरह की एंटीबॉडी की जांच की गई। इनमें कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अच्छी खासी एंटीबॉडी बनी हैं। 31 जुलाई को अंतिम बार नमूने दिए जाएंगे। ट्रायल पूरा होने पर इंडियन मेडिकल काउंसिल ऑफ रिसर्च को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
एसएन के ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि स्पुतनिक का भारतीय लोगों में असर के लिए ट्रायल किया गया था। इनमें दोनों डोज लगने के बाद लोगों को हर महीने स्वास्थ्य जांच कराने के साथ ही रक्त के नमूनों की भी एंटीबॉडी जांच कराई गई।
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ट्रायल के प्रभारी डॉ. प्रभात अग्रवाल ने बताया कि स्पुतनिक का ट्रायल जनवरी में शुरू हुआ था, जिसमें 18 साल से अधिक उम्र के 47 लोगों ने पंजीकरण कराया। इसमें से 39 लोगों को वैक्सीन की 28 दिन के अंतराल में दो डोज लगाए गए। आठ लोग किन्हीं कारणों से ट्रायल में भाग नहीं ले पाए। छह महीने के ट्रायल में हर महीने लोगों के नमूने लेकर मुंबई लैब भेजे गए, जहां पर कई तरह की एंटीबॉडी की जांच की गई। इनमें कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अच्छी खासी एंटीबॉडी बनी हैं। 31 जुलाई को अंतिम बार नमूने दिए जाएंगे। ट्रायल पूरा होने पर इंडियन मेडिकल काउंसिल ऑफ रिसर्च को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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एसएन के ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन की विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि स्पुतनिक का भारतीय लोगों में असर के लिए ट्रायल किया गया था। इनमें दोनों डोज लगने के बाद लोगों को हर महीने स्वास्थ्य जांच कराने के साथ ही रक्त के नमूनों की भी एंटीबॉडी जांच कराई गई।
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