{"_id":"6a9264422737c000fb00f78e","slug":"sn-medical-college-emergency-gets-major-upgrade-14-bed-triage-area-ready-for-immediate-treatment-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़ी राहत: एसएन इमरजेंसी का ट्रायज एरिया तैयार, गेट पर ही मिलेगा घायलों को इलाज; 14 बेड की होगी व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़ी राहत: एसएन इमरजेंसी का ट्रायज एरिया तैयार, गेट पर ही मिलेगा घायलों को इलाज; 14 बेड की होगी व्यवस्था
Sat, 29 Aug 2026 10:16 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 29 Aug 2026 10:16 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 14 बेड का ट्रायज एरिया तैयार हो गया है, जहां प्रवेश गेट पर ही घायलों को प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। यहां माइनर ओटी के साथ ऑक्सीजन की सुविधा होगी और पास में सर्जरी मरीजों के लिए पांच बेड का आईसीयू भी बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी परिसर में प्राथमिकता निर्धारण क्षेत्र (ट्रायज एरिया) तैयार हो गया है। इसमें 14 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां माइनर ऑपरेशन थिएटर भी होगा। इससे प्रवेश गेट पर ही घायलों को तत्काल इलाज मिल सकेगा। यह 10 सितंबर तक शुरू हो जाएगा।
इमरजेंसी में सर्जरी विभाग का वार्ड सबसे पीछे है। यहां दुर्घटना या फिर अन्य वजह से घायलों को अंदर लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में देरी होती है। इस वजह से गेट पर ही ट्रायज एरिया बनाया गया है। इमरजेंसी में रोजाना 20-30 घायल आते हैं। इनको ट्रायज एरिया में भर्ती किया जाएगा। माइनर सर्जरी होगी, जरूरत पर ऑक्सीजन भी दिया जाएगा।
इसके पास में ही पांच बेड का एक और आईसीयू बनेगा, जिसमें सर्जरी विभाग के मरीज भर्ती होंगे। इनमें अभी माइनर ओटी चल रही है। पहली मंजिल पर आठ बेड का आईसीयू पहले से ही संचालित हो रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ट्रायज एरिया का कार्य पूरा हो गया है। इसमें सिविल कार्य हो रहा है। अगले सप्ताह से मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इसके पास ही पर्चा काउंटर भी है, जिससे मरीज और तीमारदारों को परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
बच्चा वार्ड के लिए व्यवस्था
इमरजेंसी की पहली मंजिल पर बच्चा वार्ड बना था, इसमें प्लास्टर गिरने से खंदारी निवासी आमिर रिजवी के 10 साल के बेटे उमेर की मौत हो गई थी। सपा-कांग्रेस ने हंगामा करते हुए इसे प्लास्टर गिरने से मौत बताया था, जबकि प्राचार्य ने गंभीर निमोनिया से मौत की बात कही। इसके बाद से यहां का बच्चा वार्ड बंद है। इसके लिए भूतल पर 16 बेड का वार्ड बनाया जा रहा है। तब तक मरीज बाल रोग विभाग में भर्ती हो रहे हैं।
विज्ञापन
इमरजेंसी में सर्जरी विभाग का वार्ड सबसे पीछे है। यहां दुर्घटना या फिर अन्य वजह से घायलों को अंदर लेकर जाना पड़ता है। ऐसे में देरी होती है। इस वजह से गेट पर ही ट्रायज एरिया बनाया गया है। इमरजेंसी में रोजाना 20-30 घायल आते हैं। इनको ट्रायज एरिया में भर्ती किया जाएगा। माइनर सर्जरी होगी, जरूरत पर ऑक्सीजन भी दिया जाएगा।
विज्ञापन
इसके पास में ही पांच बेड का एक और आईसीयू बनेगा, जिसमें सर्जरी विभाग के मरीज भर्ती होंगे। इनमें अभी माइनर ओटी चल रही है। पहली मंजिल पर आठ बेड का आईसीयू पहले से ही संचालित हो रहा है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ट्रायज एरिया का कार्य पूरा हो गया है। इसमें सिविल कार्य हो रहा है। अगले सप्ताह से मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इसके पास ही पर्चा काउंटर भी है, जिससे मरीज और तीमारदारों को परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
बच्चा वार्ड के लिए व्यवस्था
इमरजेंसी की पहली मंजिल पर बच्चा वार्ड बना था, इसमें प्लास्टर गिरने से खंदारी निवासी आमिर रिजवी के 10 साल के बेटे उमेर की मौत हो गई थी। सपा-कांग्रेस ने हंगामा करते हुए इसे प्लास्टर गिरने से मौत बताया था, जबकि प्राचार्य ने गंभीर निमोनिया से मौत की बात कही। इसके बाद से यहां का बच्चा वार्ड बंद है। इसके लिए भूतल पर 16 बेड का वार्ड बनाया जा रहा है। तब तक मरीज बाल रोग विभाग में भर्ती हो रहे हैं।