ब्लैक फंगस: चिकित्सकों की मेहनत लाई रंग, ढाई घंटे चले ऑपरेशन के बाद ठीक हुई बुजुर्ग महिला की आंख
मरीज की एक आंख बिल्कुल खुल नहीं रही थी। आंख में ब्लैक फंगस था और पस भी पड़ गया था। ऐसा लग रहा था कि मरीज की आंख निकालनी पड़ेगी। नाक के रास्ते आंख से पस और ब्लैक फंगस साफ करके निकाला। ऑपरेशन के बाद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए।
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चिकित्सा विज्ञान का एक चमत्कार शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज में दिखा। ईएनटी विभाग में ब्लैक फंगस की 61 वर्षीय महिला मरीज की आंखें ऑपरेशन के बाद ठीक हो गई। ऑपरेशन के पहले एक आंख खुल नहीं रही थी। ऑपरेशन के बाद वह पूरी तरह से खुलने लगी।
ब्लैक फंगस वार्ड के प्रभारी और ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिल प्रताप ने बुजुर्ग का ऑपरेशन किया। करीब ढाई घंटे तक ऑपरेशन चला। उन्होंने बताया कि मरीज की एक आंख बिल्कुल खुल नहीं रही थी। आंख में ब्लैक फंगस था और पस भी पड़ गया था। ऐसा लग रहा था कि मरीज की आंख निकालनी पड़ेगी। नाक के रास्ते आंख से पस और ब्लैक फंगस साफ करके निकाला। ऑपरेशन के बाद चौंकाने वाले परिणाम सामने आए। मरीज की आंख पूरी तरह से खुलने लगी। देखने में भी परेशानी नहीं हो रही थी। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में एनेस्थीसिया की टीम और डॉ. शेफाली का सराहनीय योगदान रहा।
कुल तीन ऑपरेशन किए गए
शनिवार को ईएनटी विभाग में ब्लैक फंगस के कुल तीन मरीजों का ऑपरेशन किया गया। तीनों के नाक के रास्ते ब्लैक फंगस साफ करके निकाला गया। अब तक एसएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक के फंगस के कुल 21 मरीजों का ऑपरेशन किया जा चुका है। रविवार को दो और मरीजों का ऑपरेशन प्रस्तावित है।
सात नए मरीज भर्ती हुए
डॉ. अखिल प्रताप ने बताया कि एसएन मेडिकल कॉलेज में शनिवार को ब्लैक फंगस के सात और मरीज भर्ती हुए। अब तक कुल 46 मरीज भर्ती हो चुके हैं। कुल 25 मरीज इस समय ईएनटी विभाग में भर्ती हैं।
ब्लैक फंगस का इंजेक्शन उपलब्ध कराने के लिए कंपनियों से की गई बात
आगरा के फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ब्लैक फंगस का इंजेक्शन (एम्फोटेरेसिन-बी) उपलब्ध कराने के लिए कंपनियों से बात की है। कंपनियों का कहना है कि अभी वह सरकार को इंजेक्शन दे रहे हैं। जल्द ही यह इंजेक्शन थोक कारोबारियों को भी दिया जाएगा।
फार्मा एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी पुनीत कालरा ने बताया कि उत्तर प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ऑर्गनाइजेशन के कोषाध्यक्ष महेश अग्रवाल ने आगरा फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें कोरोना की संभावित तीसरी लहर व उससे बचाव के साथ दवाइयों की कमी और उनकी आसानी से उपलब्धता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में दवा विक्रेताओं का दायित्व है कि वह विचार करें कि कैसे मरीजों के हित में बेहतर काम कर सकते हैं। बैठक में फार्मा एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश, अनूप बंसल, संदीप गुप्ता, सुंदर चेतवानी, रमेश चंद, हरिमोहन गुप्ता, सुनील गुप्ता, चंद्रकांत, मनोज गुप्ता, हेमंत बिंदल आदि मौजूद रहे।
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