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बेरहम पड़ोसी: बच्ची का गला काट ड्रम में ठूंसी लाश, इसलिए लाल कंबल से ढका; फिर मासूम को तलाशने का करता रहा ढोंग
Fri, 27 Mar 2026 08:45 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 27 Mar 2026 08:45 AM IST
सार
आगरा में किराएदार ने आठ साल की बच्ची को बहाने से कमरे में बुलाकर बेरहमी से गला काटकर हत्या कर दी और शव को आटे के ड्रम में छिपा दिया। आरोपी परिवार के साथ बच्ची को खोजने का नाटक करता रहा, लेकिन पुलिस जांच के दौरान फरार हो गया।
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बच्ची के घर जुटी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में जूता कारखाना संचालक की आठ साल की बेटी की हत्या किराएदार सुनील ने बड़ी बेरहमी से की थी। घर के बाहर खेल रही बालिका को पहले 50 रुपये देकर चिप्स लेने भेजा। इसके बाद अपने कमरे में गिलास देने के बहाने बुलाकर धारदार हथियार से गला काट दिया। मगर गला धड़ से पूरी तरह अलग नहीं हुआ, इस पर उसके हाथ पर भी वार किए। शव को आटे के ड्रम में उल्टा डालकर ठूंसने के बाद ड्रम को लाल कंबल से ढंक दिया। वह परिजन के साथ बालिका को तलाश करने का स्वांग करता रहा। पुलिस को बार-बार उसके घर के आसपास ही जांच करता देख भाग गया।
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पुलिस ने 36 घंटे बाद जब शक के आधार पर आरोपी का कमरा खोला तो ड्रम में शव बरामद हो गया। नवरात्र में बालिका की हत्या से हर कोई गम और गुस्से में था। आरोपी को फांसी देने की मांग तक की जाने लगी। वह मंगलवार दोपहर ढाई बजे के बाद लापता हुई थी। ताजगंज पुलिस के साथ परिजन भी तलाश में लगे थे। शव बुधवार रात 11:30 बजे कारखाना संचालक के मकान की पहली मंजिल पर किराएदार सुनील के कमरे में बरामद हुआ।
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गुस्साए लोगों ने फतेहाबाद रोड पर जाम लगाया। ईंट-पत्थर भी फेंके, पुलिस ने किसी तरह मामला संभाला। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। शव बरामद होने पर हत्या में बदल दी गई। परिजन के बयान के आधार पर प्राथमिकी में आरोपी सुनील के साथ उसके पिता गरीब दास, मां भगवान देई, भाई मुन्ना और चंद्रभान के नाम बढ़ाए गए हैं। पिता और भाइयों का हत्या में हाथ होने का आरोप लगाया गया।
बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन 5 बजे डाॅक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। सात बजे शव को पुलिस परिजन के साथ ताजगंज स्थित श्मशान घाट लेकर पहुंची। परिजन ने बेटी का आखिरी बार चेहरा देखा तो चीत्कार मच गई। सुबह साढ़े आठ बजे अंतिम संस्कार किया गया।