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यूपी विधानसभा चुनाव 2022: मथुरा की इस सीट पर मचा राजनीति घमासान, भाजपा के बागी नेता एसके शर्मा ने किया चुनाव लड़ने का एलान

Wed, 19 Jan 2022 04:05 PM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 19 Jan 2022 04:05 PM IST
सार

मथुरा में चुनाव दिलचस्प होता नजर आ रहा है। भाजपा के बागी नेता ने बसपा की टिकट पर चुनाव लड़ने का एलान किया है।

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Sk Sharma Resigns From Bjp Join Bsp After Not Getting Ticket From Mant Assembly Seat In Mathura
बसपा में शामिल होने के बाद एसके शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी के बागी नेता एस के शर्मा ने बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर मथुरा वृंदावन से चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। एसके शर्मा ने अपनी जीत का ठोस दावा करते हुए कहा है कि बीते पांच साल में भाजपा प्रत्याशी के व्यवहार से काम से जनता उनको ठीक तरह से पहचान चुकी है।
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एसके शर्मा के मथुरा वृंदावन विधानसभा से चुनाव मैदान में उतरने पर अब इस सीट पर जो लड़ाई आमने-सामने की समझी जा रही थी, अब वह त्रिकोणात्मक हो जाएगी। एसके शर्मा 20 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे।
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मंगलवार को दिया था इस्तीफा
टिकट न मिलने से नाराज हुए एसके शर्मा ने मंगलवार को भाजपा को अलविदा कह दिया था। भावुक होकर पार्टी से इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा था कि उनके साथ विश्वासघात किया गया है। फूट-फूटकर रोते हुए उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में नए राजनीतिक सफर के लिए समर्थकों के साथ फैसले लेने की बात कही थी। पार्टी छोड़ते ही उनके घर पर लगे पार्टी झंडे को भी उतार दिया गया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए मांट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की काफी लंबे समय से तैयारियों में जुटे
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रहे भाजपा नेता एसके शर्मा ने बताया कि उनके साथ पार्टी के चंद लोगों ने विश्वासघात किया है। पहले वह चुनाव लड़ना नहीं चाहते थे, लेकिन चुनाव की तैयारी करने के निर्देश मिले थे। अब चुनाव से पहले टिकट नहीं दिया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे। शाखाएं कीं। 1989 में वह बंगाल चले गए। 2007 से मथुरा आकर भाजपा में सक्रिय हुए। पार्टी के आदेश का ईमानदारी और निष्ठा से पालन किया। पार्टी से कुछ मांगा नहीं। पार्टी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। इस त्याग तपस्या के बाद भी मेरे साथ धोखा और वादा खिलाफी हुई है।

एमएलसी का वादा करने का लगाया आरोप
एसके शर्मा ने के मुताबिक पार्टी ने एमएलसी का वादा किया था, नहीं निभाया। अब टिकट देने का वादा भी नहीं निभाया। पिछले विधानसभा चुनाव में जब मांट में मेरी कोई तैयारी नहीं थी, तो पार्टी का आदेश मानकर चुनाव लड़ा। करीब 60 हजार वोट मिले। अब मेरा कसूर बताइए। अब मैं पार्टी से त्यागपत्र दे रहा हूं। भाजपा में चरित्र, नैतिकता, सिद्धांत समाप्त हो गया है। जिन लोगों को टिकट दी गई है, उन्होंने पार्टी के खिलाफ काम किया था। आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान का पांच करोड़ का फंड मेरे विरोध में लगाया गया। इस मामले में पार्टी ने नोटिस भी जारी किया था। 

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