गड्ढे में गिरकर बच्चे की मौत का मामला: जिलाधिकारी ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश, गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के लिए अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय को जांच अधिकारी नामित किया है। मजिस्ट्रेटी जांच के लिए संबंधित पक्षों को पहले नोटिस जारी होंगे, फिर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
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आगरा में तोता का ताल स्थित जल निगम के खुले गड्ढे में डूबकर छह साल के बच्चे जीशान की मौत के मामले में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय कृष्णनंद तिवारी को जांच अधिकारी नामित किया गया है। मजिस्ट्रेटी जांच के लिए संबंधित पक्षों को पहले नोटिस जारी होंगे, फिर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि तोता के ताल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिरकर बिल्लोचपुरा निवासी रियाजुद्दीन के बेटे जीशान की मौत हो गई थी। मजिस्ट्रेट जांच पूर्ण कर शीघ्र अपनी रिपोर्ट देंगे। उधर, इस मामले में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। बीएसएनएल की प्रवर इलेक्ट्रॉनिक्स के ठेकेदार प्रत्युष शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जल निगम की ठेकेदार कंपनी मनीषा प्रोजेक्ट्स का सुपरवाइजर देवेश पचौरी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
अधिकारियों से मिले बसपाई
गड्ढे में गिरने से बच्चे की मौत मामले में बृहस्पतिवार को बहुजन समाज पार्टी के मंडल कोआर्डिनेटर शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बीएसएनएल व जल निगम अधिकारियों से मुलाकात की। लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान महानगर अध्यक्ष कामरान कुरैशी, वीरेंद्र वीरू, मान पाल सिंह, नासिर अब्बासी आदि मौजूद रहे।
अपने इलाके में गड्ढे चिह्नित करें थाना प्रभारी: एसएसपी
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने इलाके में गड्ढों को चिह्नित करें। अगर, सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं तो संबंधित विभाग को नोटिस दें। आगरा में गड्ढों में पहले भी जान जा चुकी है। बालक जीशान की मौत के मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सड़क पर गड्ढा खोदकर सुरक्षा के इंतजाम की जिम्मेदारी संबंधित विभाग और ठेकेदार की होती है।
पुलिस की जांच में आए तथ्य:
- पुलिस ने वादी, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए।
- कार्यदायी संस्था की लापरवाही से हादसा होना पाया गया।
- बीएसएनएल के लिए काम करने वाली प्रवर इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रत्युष शर्मा और जल निगम के लिए काम करने वाली मनीषा प्रोजेक्ट्स कंपनी के सुपरवाइजर देवेश पचौरी ने गड्ढा खोदवाया।
- कार्य नहीं होने पर बैरिकेडिंग करा देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया।
- लोगों के कहने पर भी गड्ढे को नहीं भरवाया गया। सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए।
- फिसलन भरी मिट्टी से निकलने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा।
- स्कूटी सवार भी गिरे थे, जिन्हें समय रहते निकाल लिया गया।