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आगरा लौटकर आईं छात्राएं बोलीं, छह और साथी अभी फंसे ब्लू व्हेल चैलेंज में
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:06 PM IST
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ब्लू व्हेल
- फोटो : social media
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ब्लू व्हेल गेम के टास्क पर घर से भागीं दो छात्राएं तो लौट आई हैं पर अभी और कई बच्चे फंसे हैं। इन्हें टास्क मिल रहे हैं, ये पूरा कर रहे हैं। दोनों छात्राओं ने काउंसलिंग के दौरान बताया है कि सभी छात्र-छात्राएं उनके फ्रेंड सर्किल के हैं, इसलिए उन्हें जानकारी हैं। ऐसे ही और भी हो सकते हैं। ये सभी जाल में फंसे हैं, इनका निकल पाना आसान नहीं।
दोनों छात्राएं सुबक रही हैं। सहमी हुई हैं। घर आने के बाद तो गुमसुम हैं। पूछने पर भी कुछ बता नहीं नहीं रहीं लेकिन होशंगाबाद में सब बताया था। जैसे ही पुलिस ने पूछा, यहां कैसे आई, वैसे ही सच बोल दिया। सुनकर पुलिसवाले हैरान रह गए। उन्होंने बताया था कि ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करना है। पुलिसवालों ने इस गेम का नाम सुन रखा था।
उन्होंने यह भी सुना था कि जिसने यह गेम खेला, उसने सुसाइड किया। इसी के चलते काउंसलर बुलाए गए। काउंसलर ने छात्राओं का मन पढ़ा। बोलीं, उनकी आंख खुल गई है। अब कोई टास्क पूरा नहीं करेंगे, गेम नहीं खेलेंगी लेकिन उनके छह और दोस्तों को भी बचाना होगा। वे सभी फंस चुके हैं। तीन तो छावनी के ही हैं। तीन बाहर के हैं।
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दोनों छात्राएं सुबक रही हैं। सहमी हुई हैं। घर आने के बाद तो गुमसुम हैं। पूछने पर भी कुछ बता नहीं नहीं रहीं लेकिन होशंगाबाद में सब बताया था। जैसे ही पुलिस ने पूछा, यहां कैसे आई, वैसे ही सच बोल दिया। सुनकर पुलिसवाले हैरान रह गए। उन्होंने बताया था कि ब्लू व्हेल गेम का टास्क पूरा करना है। पुलिसवालों ने इस गेम का नाम सुन रखा था।
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उन्होंने यह भी सुना था कि जिसने यह गेम खेला, उसने सुसाइड किया। इसी के चलते काउंसलर बुलाए गए। काउंसलर ने छात्राओं का मन पढ़ा। बोलीं, उनकी आंख खुल गई है। अब कोई टास्क पूरा नहीं करेंगे, गेम नहीं खेलेंगी लेकिन उनके छह और दोस्तों को भी बचाना होगा। वे सभी फंस चुके हैं। तीन तो छावनी के ही हैं। तीन बाहर के हैं।
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सभी की काउंसलिंग होगी
चाइल्ड लाइन के कॉर्डिनेटर नरेंद्र परिहार का कहना है कि छात्राओं से जो जानकारी मिली है , उसे गंभीरता से लिया गया है। उन सभी छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग की जाएगी, जो यह गेम खेल रहे हैं। उन्हें इससे दूर किया जाएगा।
छात्राओं ने बताया कि यह ऐसा गेम है, जो जाल की तरह है ,कोई फंस जाए, तो निकलना मुश्किल है। वे निकलना चाहती थी। पहले टास्क पर ही मना कर दिया था लेकिन उन्हें मेसेज में धमकी दी गई। कहा गया कि अनिष्ट हो जाएगा, फिर धमकी आई कि मोबाइल का डाटा डिलीट कर देंगे। इसलिए डरकर टास्क लिया।
छात्राओं ने बताया कि यह ऐसा गेम है, जो जाल की तरह है ,कोई फंस जाए, तो निकलना मुश्किल है। वे निकलना चाहती थी। पहले टास्क पर ही मना कर दिया था लेकिन उन्हें मेसेज में धमकी दी गई। कहा गया कि अनिष्ट हो जाएगा, फिर धमकी आई कि मोबाइल का डाटा डिलीट कर देंगे। इसलिए डरकर टास्क लिया।
स्कूल ने कहा, इसकी जांच कराएंगे
आर्मी पब्लिक स्कूल की ओर से भी इस प्रकरण पर बयान जारी किया गया है। दोनों छात्राएं इसी स्कूल की हैं। स्कूल ने कहा कि एक के परिवार ने जानकारी दी है कि छात्रा ब्लू व्हेल गेम खेल रही थी। इसकी जांच कराई जाएगी। छात्र-छात्राओं को जागरुक किया जाएगा। इस केस में छात्राओं के परिवार की पूरी मदद की गई। पुलिस को सूचना दी गई।
अतिविश्वास में फंस जाते हैं लोग
वरिष्ठ मनोचिकित्सक डाक्टर केसी गुरुनानी का कहना है कि ब्लू व्हेल गेम में चेलेंज दिया जाता है। कुछ लोग अतिविश्वासी होते हैं, सोचते हैं, वे कुछ भी कर सकते हैं, उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं, इनमें बच्चे भी हैं और बड़े भी। ऐसे लोग चेलेंज स्वीकार कर लेते हैं और जान की बाजी तक लगा देते हैं।