एटा में जानलेवा बीमारी: नौ दिन में छह लोगों की मौत से गांव में दहशत का माहौल, सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित
फिरोजाबाद में एक ओर जहां करीब दो सौ लोग बुखार से मर चुके हैं। वहीं एटा में भी बुखार से मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है।
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एटा जनपद के अवागढ़ ब्लॉक क्षेत्र के गांव बरा भौडेला में बीमारियों ने हमला बोल दिया है। यहां नौ दिन के अंतराल में छह लोगों की मौत हो चुकी है। एक महिला ने मंगलवार को ही आगरा में इलाज के दौरान दम तोड़ा। इसके अलावा गांव के सैकड़ा भर लोग बुखार से पीड़ित हैं।
एक सप्ताह पहले शुरू हुआ मौत का सिलसिला
गांव में कई दिनों से बीमारियां फैली हुई हैं। इसे लेकर करीब एक पखवाड़े भर पहले यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गई, लेकिन तब स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया। ऐसे में बीमारियां बढ़ती गईं। गांव वालों के मुताबिक नौ दिन पहले से मौत का सिलसिला शुरू हुआ। 13 सितंबर को अंशुल (9), 15 को माया देवी (90), 16 को रनधीर (80), 17 को निधि (4), 19 को अंजलि (21) की मौत हो गई। लगातार मौत की सूचना पर जब स्वास्थ्य महकमे में पहुंची तो सोमवार रात में सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी अन्य विभागीय अधिकारी व मेडिकल टीम लेकर गांव पहुंचे। बुखार के रोगियों का परीक्षण कर दवा दी गई। जबकि गीता देवी, उसके पुत्र अभय, कृष्णा देवी, सत्यभान व उसकी पत्नी ऊषा तथा रहीशन को एंबुलेंस के जरिए एटा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
गांव में कई बीमार
उधर, मंगलवार दोपहर कल्पना (30) की आगरा में मौत हो गई। पति अतीश ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा था। अवागढ़ कस्बा में एक चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। मंगलवार को हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने आगरा ले जाने की सलाह दी। वहां ले जाकर एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। जहां दोपहर के समय कल्पना की मृत्यु हो गई। उधर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती गीता के पति कैलाश ने बताया कि गांव में हर ओर बीमारियां फैली हुई हैं। उनकी भतीजी अंजलि कई दिन से बुखार से परेशान थी। अवागढ़ में इलाज के बाद एफएच मेडिकल कॉलेज एत्मादपुर ले गए। जहां डेंगू की पुष्टि की गई। वहां से आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। जहां 19 को मौत हो गई। कैलाश ने बताया कि परिवार के ही अंशुल पुत्र सुरेंद्र पाल की मौत बुखार से हो गई। गांव के कई लोग बीमार हैं। अधिकांश लोग निजी चिकित्सकों के यहां इलाज करा रहे हैं। जबकि गंभीर हालत में कुछ लोग आगरा व अन्य शहरों के अस्पतालों में भर्ती हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बोले...
हर मौत का अध्ययन कराया गया है। दो लोग अति वृद्ध थे। एक बच्ची को कुछ अन्य समस्या थी। दो में बुखार की बात कही गई है। गांव में लगातार मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच व इलाज कराया जा रहा है। गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया जा रहा है। -डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएमओ
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