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अमर उजाला असर: 15 लाख के घोटाले में बैंक के शाखा प्रबंधक समेत छह गिरफ्तार

Mon, 25 Nov 2019 12:54 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 25 Nov 2019 12:54 AM IST
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Six arrested with former bank manager for forgery in mathura
आरोपियों के बारे में जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
मथुरा में स्वच्छ भारत मिशन के शौचालय में 15 लाख रुपये के घोटाले में पुलिस ने रविवार को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। दलालों के माध्यम से बैंक कर्मचारियों ने जनता के पैसे को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर करा दिया था।
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अमर उजाला में 14 नवंबर को पेज नंबर आठ पर प्रधान और सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से निकाले 12 लाख के शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर पर थाना बलदेव पुलिस हरकत में आई। बलदेव के बीडीओ ने 14 नवंबर को छह से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 
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ये आरोपी पकड़े गए

पुलिस ने अवैरनी स्थित यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक जितेंद्र कुमार पुत्र तेज सिंह निवासी गांव महुअर, अछेनरा (आगरा), लेखाकार नवीन गोयल निवासी कोदमा, बडहरा (चरखी दादरी) हरियाणा, बैंक क्लर्क कपिल वर्मा निवासी शास्त्री नगर कृष्णानगर मथुरा, फील्ड ऑफीसर मनीष कुमार निवासी भैंसलाना, कोटपुत्री (जयपुर), मुख्य आरोपी विजय पाल सिंह और ज्ञानेंद्र ऊर्फ कुक्की निवासी मडौरा (बलदेव) को गिरफ्तार किया है। 
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एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि थाना प्रभारी राजीव कुमार ने इनके कब्जे से ढाई लाख रुपये बरामद किया है। विकास खंड बलदेव के गांव बंदी, मडौरा और गढ़सौली में स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय निर्माण की राशि में 12-12 हजार रुपये लाभार्थियों को देने की बजाय दलालों के माध्यम से बैंक प्रबंधक और कर्मचारियों ने हड़प लिए थे।

फर्जी हस्ताक्षर करके सूची करते थे तैयार

गिरोह के सरगना मुनेश निवासी मडौरा ज्ञानेंद्र और विजयपाल ब्लॅक की सूची तैयार करके उस पर ग्राम सचिव और प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर करते थे। फिर 12-12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के अपने रिश्तेदार और परिचितों के खाते में हस्तांतरण कर देते थे। 

बैंक स्टाफ उनको पास करके हस्तांतरण कर देते थे। बैंक स्टाफ ने ऐसे सचिवों के हस्ताक्षर से सूची पास कर दी जो कभी ग्राम पंचायत में तैनात ही नहीं थे। बैंक के पास बीडीओ द्वारा प्रमाणित हस्ताक्षर भी नहीं है।  

मामले में ये हैं फरार 

मामले में मुनेश निवासी मडौरा (बलदेव), पूर्व बैंक मैनेजर अजित जौहरी निवासी बरेली, पूर्व फील्ड ऑफीसर रविंद्र निवासी खंदबे, अहमदनगर(महाराष्ट्र) फरार है। इनकी तलाश में पुलिस जुट गई है। 
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