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साइबर अपराध: छह महीने में चार करोड़ की ठगी, 'ठग कंपनी' के सरगना सहित सात गिरफ्तार
Sun, 25 Apr 2021 09:23 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 25 Apr 2021 09:23 AM IST
सार
गैंग के सरगना अंशुल अग्रवाल और सनातन सहित अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस टीम लगी थी। शनिवार को पुलिस टीम ने विकास तिवारी, अंशुल अग्रवाल सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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ठगी के आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा की रेंज साइबर थाना पुलिस ने छह महीने में चार करोड़ की ठगी करने वाले गैंग के सरगना विकास तिवारी और अंशुल अग्रवाल सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग के चार सदस्यों को पूर्व में जेल भेजा जा चुका है। गैंग लोगों को बीमा पालिसी का लाभ, नौकरी, लोन और शेयर का लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगता था।
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रेंज साइबर थाना पुलिस ने 20 अप्रैल को साइबर ठगी करने वाले गैंग के सदस्य गाजियाबाद निवासी सुनील, उसके भाई सचिन, मथुरा के श्रीजी गार्डन हाइट्स निवासी शिशिर और उसके पिता विजय प्रकाश अग्रवाल को मथुरा से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं सरगना अंशुल अग्रवाल और सनातन सहित अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस टीम लगी थी। शनिवार को पुलिस टीम ने विकास तिवारी, अंशुल अग्रवाल सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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रेंज साइबर थाना के प्रभारी निरीक्षक राजेश शर्मा ने बताया कि विकास तिवारी मुख्य सरगना है। उसने अन्य के साथ गैंग बनाया था। अंशुल खातों से रकम जमा कराने और निकालने का काम करता था। गैंग के अन्य सदस्य लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। अभी चार और आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस लगी है। दो सदस्यों को मध्य प्रदेश पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
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इनकी हुई गिरफ्तारी
- अंशुल अग्रवाल निवासी फ्लैट नंबर 1701, टावर नंबर सात, ओरेंज काउंटी, इंद्रापुरम, गाजियाबाद। (एमबीए ड्राप आउट है)
- सनातन निवासी प्रगति विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद। (बीबीए)
- कुलदीप ठाकुर निवासी गांव अब्दुलपुर, डिबाई, बुलंदशहर। (शिक्षा-नौ)
- विकास तिवारी उर्फ विक्की निवासी 15 बी, पोकेट बी-2, मयूर विहार, फेज तीन, दिल्ली (बारहवीं पास)
- उमेश उपाध्याय उर्फ इशू निवासी श्याम विहार, फेज-एक, नजफगढ़ (बारहवीं)
- अमित कुमार निवासी प्रगति विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद। (बीए)
- सुहेल मंसूरी निवासी ईको विलेज, सुपरटेक-2, ग्रेटर नोएडा (बारहवीं)
ये हैं फरार
- प्रविंदर सिंह उर्फ आलोक निवासी गाजियाबाद।
- राजनमान निवासी लक्ष्मी नगर, दिल्ली।
- रघु निवासी दिल्ली।
- विजय कश्यप निवासी बोटेनिकल गार्डन, नोएडा।
ये हुई बरामदगी
22 मोबाइल, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, तीन चेक, एक डेबिट कार्ड-क्रेडिट कार्ड, दो आरसी-डीएल, 15 सिम कार्ड, एक कार, 3.52 लाख रुपये, मोबाइल में दस्तावेज, प्रिंटआउट, लोगों का डाटा मिला है। इसके अलावा 21 बैंकों का डाटा भी मिला है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर अन्य तरीके से ठगी की रकम को जमा कराया जाता था।
- अंशुल अग्रवाल निवासी फ्लैट नंबर 1701, टावर नंबर सात, ओरेंज काउंटी, इंद्रापुरम, गाजियाबाद। (एमबीए ड्राप आउट है)
- सनातन निवासी प्रगति विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद। (बीबीए)
- कुलदीप ठाकुर निवासी गांव अब्दुलपुर, डिबाई, बुलंदशहर। (शिक्षा-नौ)
- विकास तिवारी उर्फ विक्की निवासी 15 बी, पोकेट बी-2, मयूर विहार, फेज तीन, दिल्ली (बारहवीं पास)
- उमेश उपाध्याय उर्फ इशू निवासी श्याम विहार, फेज-एक, नजफगढ़ (बारहवीं)
- अमित कुमार निवासी प्रगति विहार, खोड़ा कॉलोनी, गाजियाबाद। (बीए)
- सुहेल मंसूरी निवासी ईको विलेज, सुपरटेक-2, ग्रेटर नोएडा (बारहवीं)
ये हैं फरार
- प्रविंदर सिंह उर्फ आलोक निवासी गाजियाबाद।
- राजनमान निवासी लक्ष्मी नगर, दिल्ली।
- रघु निवासी दिल्ली।
- विजय कश्यप निवासी बोटेनिकल गार्डन, नोएडा।
ये हुई बरामदगी
22 मोबाइल, तीन आधार कार्ड, दो पैन कार्ड, तीन चेक, एक डेबिट कार्ड-क्रेडिट कार्ड, दो आरसी-डीएल, 15 सिम कार्ड, एक कार, 3.52 लाख रुपये, मोबाइल में दस्तावेज, प्रिंटआउट, लोगों का डाटा मिला है। इसके अलावा 21 बैंकों का डाटा भी मिला है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर अन्य तरीके से ठगी की रकम को जमा कराया जाता था।