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कुलदीप अपहरण व हत्याकांड की जांच करेगी एसआईटी
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आगरा। थाना इरादतनगर के गांव हरजूपुरा में नौ साल के कुलदीप की अपहरण के बाद हत्या के मामले में विवेचना के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की जाएगी। एसआईटी जल्द विवेचना कर 15 दिन में चार्जशीट लगाएगी।
हरजूपुरा निवासी किराना व्यापारी गब्बर सिंह के बेटे कुलदीप का 23 जनवरी को अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुलदीप की तलाश की थी। 17 फरवरी को तीन आरोपियों को पकड़ा गया था। इनमें आशु, कन्हैया और मुकेश थे। तीनों हरजूपुरा गांव के रहने वाले हैं। मुकेश फरह का मूल निवासी है। आरोपियों ने कुलदीप की हत्या के बाद शव को जंगल में दफना दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 18 फरवरी को कुलदीप का शव को बरामद किया। कुलदीप की गला दबाकर हत्या की गई थी। बाद में घर में पत्र डालकर फिरौती की रकम भी मांगी थी।
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पत्र में लिखी हैंड राइटिंग की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला से रिपोर्ट मंगाई जाएगी। केस में मजबूत साक्ष्य पुलिस के पास हैं। विवेचना पूरी करने के लिए 15 दिन का टारगेट रखा गया है। इसके लिए एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जाएगी। इसमें सीओ और निरीक्षक सहित पांच सदस्य होंगे। आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी।
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पुलिस के पास साक्ष्य के रूप में फिरौती के लिए घर में डाले गए चार पत्र हैं। इनमें लिखी हैंड राइटिंग का मिलान कराया जाएगा। पुलिस का दावा है कि पत्र कन्हैया ने लिखे थे। वहीं जहां शव दफनाया गया था, वहां पर फावड़ा मिला था। गला घोंटने वाला गमछा भी मिला है। यह सब अहम साक्ष्य हैं।
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हरजूपुरा निवासी किराना व्यापारी गब्बर सिंह के बेटे कुलदीप का 23 जनवरी को अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुलदीप की तलाश की थी। 17 फरवरी को तीन आरोपियों को पकड़ा गया था। इनमें आशु, कन्हैया और मुकेश थे। तीनों हरजूपुरा गांव के रहने वाले हैं। मुकेश फरह का मूल निवासी है। आरोपियों ने कुलदीप की हत्या के बाद शव को जंगल में दफना दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 18 फरवरी को कुलदीप का शव को बरामद किया। कुलदीप की गला दबाकर हत्या की गई थी। बाद में घर में पत्र डालकर फिरौती की रकम भी मांगी थी।
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एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पत्र में लिखी हैंड राइटिंग की जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला से रिपोर्ट मंगाई जाएगी। केस में मजबूत साक्ष्य पुलिस के पास हैं। विवेचना पूरी करने के लिए 15 दिन का टारगेट रखा गया है। इसके लिए एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी गठित की जाएगी। इसमें सीओ और निरीक्षक सहित पांच सदस्य होंगे। आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी।
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पुलिस के पास साक्ष्य के रूप में फिरौती के लिए घर में डाले गए चार पत्र हैं। इनमें लिखी हैंड राइटिंग का मिलान कराया जाएगा। पुलिस का दावा है कि पत्र कन्हैया ने लिखे थे। वहीं जहां शव दफनाया गया था, वहां पर फावड़ा मिला था। गला घोंटने वाला गमछा भी मिला है। यह सब अहम साक्ष्य हैं।