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बीएड फर्जी मार्कशीट केस: एसआईटी ने कब्जाए गोपनीय रिकॉर्ड, आरोपियों पर चार्जशीट की तैयारी

Tue, 09 Oct 2018 02:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा Updated Tue, 09 Oct 2018 02:03 PM IST
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sit investigating bed fake marks sheet case of agra university
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
लखनऊ से आए एसआईटी के अधिकारियों ने सोमवार को डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी के पालीवाल कैंपस में छानबीन की। यहां से गोपनीय चार्ट और अन्य रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं। यह कार्रवाई फर्जी बीएड मार्क्सशीट प्रकरण में की गई है। जांच को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की सूची तैयार की जाएगी।
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एसआईटी के सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित से भी मुलाकात की। उनसे जानकारी की गई कि फर्जी मार्कशीट को निरस्त करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास में क्या प्रगति हुई है। कुलपति ने 82 निजी कॉलेज से 2004 के बीएड सीटों का रिकॉर्ड मांगा था। 
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इन कॉलेजों के बारे में ही कहा जा रहा है कि इन्होंने अपनी मर्जी से मैनेजमेंट कोटा बढ़ाकर बीएड की फर्जी मार्क्सशीट जारी कीं। इन मार्क्सशीट को ही बाद में विवि के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी ढंग से विवि के गोपनीय चार्ट में दर्ज कर दिया गया था।
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एसआईटी लगभग चार साल से इस प्रकरण की जांच कर रही है। इसके बावजूद पूरा रिकॉर्ड अभी तक नहीं मिल पाया है। थोड़ा-थोड़ा रिकॉर्ड लेकर अधिकारी चले जाते हैं। बताया जाता है कि फर्जी मार्क्सशीट से प्रदेश में 2500 अध्यापक बन गए हैं जो परिषदीय विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। एसआईटी इन पर कार्रवाई के लिए लिख चुकी है लेकिन अभी तक एक का भी बाल बांका नहीं हुआ है। इसी कारण से अब जांच को तेज किया जा रहा है।
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