Agra News: चांदी कारोबारी ने पुलिस को दी लूट की सूचना, जांच में मामला कुछ और ही निकला
एसीपी सदर अर्चना सिंह ने बताया कि चांदी व्यापारी ने चांदी खरीदी थी, रुपए नहीं दिए। इसके बाद वह फिर से आगरा आया था, तभी चांदी बेचने वाले व्यापारी पक्ष के लोग पहुंच गए, जिसको लेकर विवाद हुआ था।
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आगरा में हरदोई के चांदी कारोबारी नीरज कुमार गुप्ता ने मंगलवार को बंधक बनाकर चांदी लूट की सूचना पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर दी। पुलिस ने मामले की जांच की। मामला लेन-देन के विवाद का निकला। जिस कारोबारी पर आरोप लगाया उसे भी पुलिस ने बुला लिया। रात दस बजे दोनों कारोबारियों में समझौता हो गया।
शहर कोतवाली थाना क्षेत्र, हरदोई निवासी नीरज कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनका चांदी के जेवरात का काम है। वह आगरा से माल खरीदते हैं। इसके बाद बिक्री करते हैं। वह 17 दिसंबर को आगरा आए। ताजगंज स्थित एक होटल में रुके थे। 18 दिसंबर की शाम सात बजे चांदी लेने के बाद कार से घर लौट रहे थे। फतेहाबाद मार्ग पर केके कौशिक अपने साथियों के साथ मिले। उन्होंने रोक लिया। जबरन कार में बैठा लिया।
व्यापारी ने आरोप लगाया कि उनकी कार को कब्जे में ले लिया। एक होटल में ले गए, जहां पर बंधक बना लिया। इस दौरान मारपीट भी की। यह भी आरोप लगाया कि कार, सात किलोग्राम चांदी, 1.80 लाख रुपये, सोने की चेन, तीन अंगूठी और बैग छीन लिया। घर पर फोन करवाकर 25 लाख रुपये लाने का भी दबाव बनाया। वह काफी घबरा गए। वह किसी तरह भाग निकले। पुलिस ने मामले की जांच की। केके कौशिक को बुलाया गया। वह थाने आ गए।
तीन महीने में रकम के भुगतान पर समझौता
एसीपी सदर अर्चना सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता नीरज ने जिस कारोबारी केके कौशिक पर आरोप लगाया, उन्हें भी थाने बुलाया गया। उन्होंने बताया कि नीरज अक्सर चांदी लेकर जाते हैं। वह चांदी लेकर गए थे। इसके 10 लाख रुपये बकाया हैं। वह लौटा नहीं रहे थे।
नीरज के आगरा आने की जानकारी पर बात करने आए थे। उनसे बकाया भुगतान के लिए कहा था, वह बात करने की कहकर होटल से बाहर निकल गए। इसके बाद पुलिस से झूठी शिकायत कर दी।
पुलिस के पूछने पर नीरज ने कहा कि केके कौशिक ने जो चांदी दी थी, वह गिलट निकली। उन्होंने माल आगे बेचा तो व्यापारियों ने धोखाधड़ी का आरोप लगाया। मगर, केके कौशिक ने आरोप गलत बताए। हालांकि बाद में तय हुआ कि नीरज रकम का भुगतान तीन महीने में करेंगे। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को जाने दिया।