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Sikandra: अकबर के मकबरे में 400 साल पुरानी पेंटिंग हुई खराब, बारिश की वजह से जगह छोड़ गए पैनल
Tue, 17 Sep 2024 10:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमित कुलश्रेष्ठ, आगरा
अमित कुलश्रेष्ठ, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 17 Sep 2024 10:13 AM IST
सार
आगरा में अकबर के मकबरे में 400 साल पुरानी पेंटिंग खराब हो गई। बारिश की वजह से पैनल जगह छोड़ गए। गिरने से बचाने के लिए एएसआई ने पाड़ लगाई है।
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अकबर के मकबरे में 400 साल पुरानी पेंटिंग हुई खराब
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बारिश के कारण ताजमहल में गुंबद रिसा तो मुगल शहंशाह अकबर के मकबरे में 400 साल पुरानी सुनहरी पेंटिंग खराब हो गई। सीलन के कारण मकबरे के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे पेंटिंग के पैनल खराब होकर उखड़ गए। छत से पेंटिंग के पैनल गिरने से रोकने के लिए एएसआई ने पाड़ लगाई है, जबकि आर्च के बड़े हिस्से में पेंटिंग के उजले रंग सीलन के कारण चमक खो चुके हैं।
412 साल पहले बनकर तैयार हुए अकबर के मकबरे सिकंदरा में इस बार बारिश ने बड़ा नुकसान किया है। संरक्षण में बरती गई लापरवाही के कारण मकबरे के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुनहरी पेंटिंग खराब हो गईं, जबकि छत पर लगे अलग-अलग डिजाइन के पेंटिंग के पैनल जगह छोड़कर गिरासू हैं। इन्हें रोकने के लिए पाड़ लगाई गई है, जिससे पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर दाईं और बाईं ओर से निकलना पड़ रहा है। बता दें कि अकबर के मकबरे का निर्माण कार्य मुगल शहंशाह अकबर ने वर्ष 1605 में अपनी मृत्यु से पहले ही शुरू करा दिया था, जिसे वर्ष 1612 में जहांगीर ने पूरा कराया।
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412 साल पहले बनकर तैयार हुए अकबर के मकबरे सिकंदरा में इस बार बारिश ने बड़ा नुकसान किया है। संरक्षण में बरती गई लापरवाही के कारण मकबरे के मुख्य प्रवेश द्वार पर सुनहरी पेंटिंग खराब हो गईं, जबकि छत पर लगे अलग-अलग डिजाइन के पेंटिंग के पैनल जगह छोड़कर गिरासू हैं। इन्हें रोकने के लिए पाड़ लगाई गई है, जिससे पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर दाईं और बाईं ओर से निकलना पड़ रहा है। बता दें कि अकबर के मकबरे का निर्माण कार्य मुगल शहंशाह अकबर ने वर्ष 1605 में अपनी मृत्यु से पहले ही शुरू करा दिया था, जिसे वर्ष 1612 में जहांगीर ने पूरा कराया।
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मिट रहीं गोल्डन पेंटिंग, सहेजना मुश्किल
आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने बताया कि सीलन के कारण स्मारक में बनी पेंटिंग खराब हो रही हैं। इसकी खास बात ये है कि हर दीवार पर अलग-अलग डिजाइन है। एक ही डिजाइन दोबारा किसी पैनल में उपयोग नहीं की गई। एएसआई इसका संरक्षण नहीं कर रहा है। एक बार यह गिर गईं या सीलन के कारण चमक खो गईं तो दोबारा इन्हें बनाना मुमकिन ही नहीं होगा। एएसआई खाली प्लास्टर करके जगह छोड़ देगा, जिससे भविष्य में पर्यटकों को मुगलिया दौर की 400 साल पुरानी इस गोल्डन पेंटिंग की जानकारी नहीं हो पाएगी।
आगरा एप्रूव्ड गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुद्दीन ने बताया कि सीलन के कारण स्मारक में बनी पेंटिंग खराब हो रही हैं। इसकी खास बात ये है कि हर दीवार पर अलग-अलग डिजाइन है। एक ही डिजाइन दोबारा किसी पैनल में उपयोग नहीं की गई। एएसआई इसका संरक्षण नहीं कर रहा है। एक बार यह गिर गईं या सीलन के कारण चमक खो गईं तो दोबारा इन्हें बनाना मुमकिन ही नहीं होगा। एएसआई खाली प्लास्टर करके जगह छोड़ देगा, जिससे भविष्य में पर्यटकों को मुगलिया दौर की 400 साल पुरानी इस गोल्डन पेंटिंग की जानकारी नहीं हो पाएगी।
प्रवेश द्वार से बुर्ज तक सीलन से पड़े दाग
अकबर के मकबरे सिकंदरा में मुगल शहंशाह की कब्र के लिए जाने वाले मुख्य दरवाजे पर जहां सीलन के कारण पेंटिंग खराब हो रही है, वहीं इसी प्रवेश द्वार से पूर्वी दिशा की ओर बने बुर्ज तक छत के रास्ते आई सीलन के दाग नजर आ रहे हैं। बारिश के कारण मकबरे की दीवारों पर 12 फीट तक सीलन के दाग पड़ गए हैं। शहंशाह की कब्र के ऊपर बने 5 मंजिला भवन की छत से पानी के रिसाव के कारण निचली मंजिल की बुर्ज तक सीलन आई है। यहां 15 साल पहले ही छत का संरक्षण कार्य हुआ है, लेकिन सीलन के कारण न केवल दीवारें, बल्कि दुर्लभ पेंटिंग तक खराब हो रही है।
अकबर के मकबरे सिकंदरा में मुगल शहंशाह की कब्र के लिए जाने वाले मुख्य दरवाजे पर जहां सीलन के कारण पेंटिंग खराब हो रही है, वहीं इसी प्रवेश द्वार से पूर्वी दिशा की ओर बने बुर्ज तक छत के रास्ते आई सीलन के दाग नजर आ रहे हैं। बारिश के कारण मकबरे की दीवारों पर 12 फीट तक सीलन के दाग पड़ गए हैं। शहंशाह की कब्र के ऊपर बने 5 मंजिला भवन की छत से पानी के रिसाव के कारण निचली मंजिल की बुर्ज तक सीलन आई है। यहां 15 साल पहले ही छत का संरक्षण कार्य हुआ है, लेकिन सीलन के कारण न केवल दीवारें, बल्कि दुर्लभ पेंटिंग तक खराब हो रही है।
विशेषज्ञों की कमेटी बनाई है
अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल ने बताया कि अकबर के मकबरे में सीलन के कारण पेंटिंग के गिरते हुए पैनल पाड़ लगाकर रोके गए हैं। इनका संरक्षण कैसे हो, इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद पेंटिंग को बचाने पर काम किया जाएगा।
अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. राजकुमार पटेल ने बताया कि अकबर के मकबरे में सीलन के कारण पेंटिंग के गिरते हुए पैनल पाड़ लगाकर रोके गए हैं। इनका संरक्षण कैसे हो, इसके लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद पेंटिंग को बचाने पर काम किया जाएगा।