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अब जन्म के संमय गंभीर बीमार बच्चों का जिले में ही हो सकेगा इलाज
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कासगंज। गंभीर बीमार नवजात बच्चों को अब जनपद में ही इलाज मिलेगा। शासन से सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही इंजीनियरों की टीम ने यूनिट के लिए जिला अस्पताल में जगह को चिह्नित कर लिया है।
जिला में प्रतिवर्ष 24 से 25 हजार बच्चों के जन्म लेने का औसत है। इनमें से बढ़ी संख्या में बच्चे ऐसे होते हैं, जिनको जन्म ही गंभीर बीमारी होती है। इसका तुरंत इलाज आवश्यक हो जाता है। अभी बच्चों को अलीगढ़ या आगरा ले जाना पड़ता है। समय पर इलाज न मिल पाने से कई बच्चों की मौत तक हो जाती है। इस वर्ष ऐसे 113 बच्चों की मौत जन्म के तुरंत बाद हो गई। अब गंभीर रूप से बीमार नवजातों का जिला में ही इलाज देने की सुविधा शुरू होने जा रही है। शासन से जिला के लिए सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट को मंजूरी मिल गई है। इंजीनियरों की टीम ने जिला अस्पताल में जगह का चयन भी कर लिया।
गंभीर बीमार बच्चों के लक्षण
बच्चा तय समय से पहले पैदा हो गया हो, बच्चा रोया न हो, कम वजन का हो, पीलिया, सांस लेने में तकलीफ हो, पेट में तनाव या सूजन हो, शुगर बढ़ने से बच्चे को पेशाब ज्यादा हो रही हो, पल्स बढ़ी हो, ऑक्सीजन की कमी हो, मां का दूध नहीं पी पाता हो, हाथ-पैर नीले पड़ गए हो एवं जन्म के तुरंत बाद झटके आ रहे हो
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इन उपकरणों की होगी व्यवस्था
फोटो थेरेपी मशीन, रीजएंट हीट वार्मर, आक्सीजन यूनिट
सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट के लिए इंजीनियर की टीम ने जगह का चयन कर लिया है। शीघ्र ही अस्पताल में इस सुविधा की व्यवस्था हो जाएगी। इसके लिए वार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें 12 बैड की व्यवस्था की जाएगी। -डा. एसपी सिंह सिद्धू, सीएमएस
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जिला में प्रतिवर्ष 24 से 25 हजार बच्चों के जन्म लेने का औसत है। इनमें से बढ़ी संख्या में बच्चे ऐसे होते हैं, जिनको जन्म ही गंभीर बीमारी होती है। इसका तुरंत इलाज आवश्यक हो जाता है। अभी बच्चों को अलीगढ़ या आगरा ले जाना पड़ता है। समय पर इलाज न मिल पाने से कई बच्चों की मौत तक हो जाती है। इस वर्ष ऐसे 113 बच्चों की मौत जन्म के तुरंत बाद हो गई। अब गंभीर रूप से बीमार नवजातों का जिला में ही इलाज देने की सुविधा शुरू होने जा रही है। शासन से जिला के लिए सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट को मंजूरी मिल गई है। इंजीनियरों की टीम ने जिला अस्पताल में जगह का चयन भी कर लिया।
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गंभीर बीमार बच्चों के लक्षण
बच्चा तय समय से पहले पैदा हो गया हो, बच्चा रोया न हो, कम वजन का हो, पीलिया, सांस लेने में तकलीफ हो, पेट में तनाव या सूजन हो, शुगर बढ़ने से बच्चे को पेशाब ज्यादा हो रही हो, पल्स बढ़ी हो, ऑक्सीजन की कमी हो, मां का दूध नहीं पी पाता हो, हाथ-पैर नीले पड़ गए हो एवं जन्म के तुरंत बाद झटके आ रहे हो
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इन उपकरणों की होगी व्यवस्था
फोटो थेरेपी मशीन, रीजएंट हीट वार्मर, आक्सीजन यूनिट
सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट के लिए इंजीनियर की टीम ने जगह का चयन कर लिया है। शीघ्र ही अस्पताल में इस सुविधा की व्यवस्था हो जाएगी। इसके लिए वार्ड तैयार किया जाएगा। इसमें 12 बैड की व्यवस्था की जाएगी। -डा. एसपी सिंह सिद्धू, सीएमएस