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वृंदावन सीवर हादसा: महज 400 रुपये के लिए जान गवां बैठा श्याम, लाश की ऐसी हालत हुई... पत्नी हुई बदहवास
Sun, 09 Jun 2024 11:31 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 09 Jun 2024 11:31 AM IST
सार
वृंदावन सीवर हादसे में जान गवांने वाला श्याम महज 400 रुपये की दिहाड़ी की खातिर मौत के सीवर में उतरा। श्याम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। लाश को सीवर से बाहर निकाला गया। सात घंटे बाद उसकी शिनाख्त हो सकी। लाश की हालत देखकर उसकी पत्नी नीलम और बेटी पूनम बदहवास हो गई।
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श्याम का फाइल फोटो और परिवार के लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वृंदावन सीवर हादसे में जान गवांने वाला मजदूर श्याम गरीब परिवार से था। नौहझील के सल्ला गांव में उसका परिवार रहता है। वह अपनी पत्नी नीलम और तीन बच्चों के साथ बिरला मंदिर के पास मोहल्ले में किराए के मकान में रहता था। महज 400 रुपये की दिहाड़ी की खातिर श्याम मौत के सीवर में उतरकर अपनी जान गंवा बैठा। मृतक श्याम के भाई नीरज ने बताया कि उन्हें शाम चार बजे करीब अपने भाई की मौत की सूचना ग्राम प्रधान के माध्यम से मिली। प्रधान को पुलिस द्वारा सूचना दी गई थी। इधर, हादसे की सूचना मिलते ही श्याम की पत्नी नीलम बदहवास हो गई। 15 साल की बेटी पूनम की तबीयत बिगड़ गई।
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श्याम के कार्य का पहला दिन ही बना जिंदगी का अंतिम
अमित और प्रिंस तो वृंदावन में ही काम कर रहे थे, लेकिन शनिवार से कार्य करने के लिए श्याम आया था। उसे क्या पता आज ही कार्य की शुरुआत होगी और आज ही उसकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा।
अमित और प्रिंस तो वृंदावन में ही काम कर रहे थे, लेकिन शनिवार से कार्य करने के लिए श्याम आया था। उसे क्या पता आज ही कार्य की शुरुआत होगी और आज ही उसकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा।
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आश्रम की जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियां
प्रेम मंदिर के सामने स्थित जमीन आश्रम के नाम दर्ज बताई जा रही है, जिसका व्यावसायिक में इस्तेमाल किया जा रहा है। मनोज शर्मा ने करीब 12 दिन पहले ही रेस्तरां का उद्घाटन किया था। इसके बाजवदू एमवीडीए और नगर निगम ने कोई कदम नहीं उठाया।
प्रेम मंदिर के सामने स्थित जमीन आश्रम के नाम दर्ज बताई जा रही है, जिसका व्यावसायिक में इस्तेमाल किया जा रहा है। मनोज शर्मा ने करीब 12 दिन पहले ही रेस्तरां का उद्घाटन किया था। इसके बाजवदू एमवीडीए और नगर निगम ने कोई कदम नहीं उठाया।