जन्माष्टमी पर बोले सीएम योगी: जो पहले मंदिर जाने से कतराते थे, वो अब कहते हैं राम-कृष्ण हमारे भी हैं
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का हिस्सा बनने मथुरा आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को खुलकर हिंदुत्व कार्ड खेला। उन्होंने विपक्षियों पर हिंदू त्योहार को अब तक नजरअंदाज करने के लिए निशाना साधते हुए कहा कि जो अब तक मंदिर जाने से कतराते थे, वो भी अब कहने लगे हैं कि राम-कृष्ण तो हमारे भी हैं। यह पहला मौका है जब आजाद भारत में कोई राष्ट्रपति अयोध्या में रामलला के दर्शन को पहुंचे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में आए मुख्यमंत्री ने महाविद्या स्थित श्रीराम लीला मैदान में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पहले हिंदू त्योहारों पर कोई नहीं आता था। मंदिरों में दर्शन से माननीय कतराते थे। पर्व, त्योहारों पर तमाम बंदिशें रहती थीं। बिजली नहीं मिलती थी। ऐसा नहीं करेंगे, वैसा नहीं करेंगे, ये नियम बना दिए जाते थे। अब ऐसी कोई बंदिश नहीं है।
ब्रज को मांस-मदिरा मुक्त करने के निर्देश
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री का पहला आगमन अयोध्या में हुआ है। यह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदलते भारत की तस्वीर है। मुख्यमंत्री ने वृंदावन वैष्णव कुंभ की भव्यता पर चर्चा की। इसे प्रयागराज के बाद बड़ा धार्मिक आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि ब्रज के संतों की इच्छा के अनुरूप ब्रज मंडल को मांस-मदिरा मुक्त करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान द्वापर युग का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन और बिक्री के क्षेत्र में लोगों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने मुख्यमंत्री को भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंट की।
संतों ने मुख्यमंत्री से किया मथुरा से चुनाव लड़ने का आग्रह
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान के जन्मोत्सव में शामिल होने आए मुख्यमंत्री से ब्रज के संतों ने आगामी विधानसभा चुनाव मथुरा से ही लड़ने का आग्रह किया। संतों ने कहा कि इस पवित्र भूमि के विकास के लिए आप चुनाव लड़े।