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मथुरा: श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों को नहीं मिल रही सुविधाएं और सहायता, पांच साल से हैं बंद
Sun, 07 Nov 2021 09:19 AM IST
Abhishek Saxena
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 07 Nov 2021 09:19 AM IST
सार
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी द्वारा लगभग 150 बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिकतम दो हजार रुपये तक शिक्षा शुल्क दिया जाता है।
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ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायतों को मंदिर प्रबंधन की ओर से मिलने वाली सुविधाएं और सहायता बंद हैं। पिछले लगभग पांच वर्ष से सुविधाएं और सहायता ना मिलने के लिए मंदिर के सेवायत ने पहल की है।
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ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत एवं श्रीहरिदासबिहारी फाउंडेशन के संस्थापक आचार्य प्रहलादबल्लभ गोस्वामी ने मंदिर प्रशासन से सेवायतों को दशकों से मिलती आ रही सुविधाओं को फिर से सुचारु करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ठाकुर श्रीबांकेबिहारीजी मंदिर के प्रशासक/मुंसिफ से अपील है कि वर्तमान में देश में चल रही संकट पूर्ण स्थिति को देखते हुए स्वत: संज्ञान लेकर सेवायत गोस्वामी समाज को मिलने वाली समस्त सुविधाएं प्रदान करें, जो विगत लगभग पांच वर्षों से बंद है।
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उन्होंने कहा कि सुविधा और सहायता बंद होने से अधिकांश उन सेवायतों का भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिनकी सेवा मात्र 1 या 2 दिन की है और इस उम्र में कमाई का अन्य कोई साधन भी नहीं है। सहायता बंद होने से ऐसे सेवायतों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन सेवायतों को बच्चों की स्कूल की फीस तक भरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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मंदिर सेवायतों को यह मिलती हैं सुविधाएं
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी द्वारा लगभग 150 बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिकतम दो हजार रुपये तक शिक्षा शुल्क दिया जाता है। इनमें राजभोग/शयनभोग दोनों ही थोक के गोस्वामियों के बच्चे होते हैं। 60 साल से ऊपर के करीब 100 बुजुर्ग सेवायतों को प्रतिमाह दस हजार रुपये की पेंशन की व्यवस्था है। वहीं 50 विधवाओं को हर महीने दस हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
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