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सराफ ने लगाया करोड़ों का फटका
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Mon, 16 Feb 2015 02:03 AM IST
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शाहगंज स्थित केदार नगर में एक प्रतिष्ठित सराफा कारोबारी का परिवार सात करोड़ से अधिक का माल लेकर रातोंरात रफूचक्कर हो गया। इससे इलाके के सैकड़ों परिवारों की नींद उड़ गई है। लोगों का कहना है कि उनके करोड़ों रुपये के जेवरात सराफा कारोबारी के पास रखे थे। दर्जनों लोगोें ने रविवार की सुबह ज्वैलरी शोरूम के बाहर हंगामा भी किया। सूचना पर पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। इस मामले में एक व्यक्ति ने सराफा कारोबारी के परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
केदार नगर निवासी कन्हैयालाल वर्मा इलाके के प्रतिष्ठित सराफ थे। केदार नगर तिराहे पर उनकी मैसर्स कन्हैयालाल एंड संस के नाम से पुराना शोरूम है। उनके बेटे श्यामसुंदर और महेशचंद्र कारोबार संभालते हैं। इलाके के लोग उनके यहां जेवर गिरवी रखकर पैसा लेते हैं। इसके साथ ही बहुत से लोग उनके व्यापार में अपना पैसा भी लगाते थे। इलाके में अच्छी साख होने के कारण कारोबारी पर लोगों का भरोसा था। 10 फरवरी से पूरा परिवार कोठी और शोरूम बंद करके भूमिगत हो गया। उनके मोबाइल भी बंद हो गए हैं। रविवार की सुबह काफी संख्या में लोग शोरूम पर पहुंच गए। हंगामा करने लगे। लोगों का कहना था कि उनका लाखों रुपये का माल सराफ पर है।
अवधपुरी निवासी बसंत कुमार का कहना है कि 55 हजार रुपये गहने गिरवी रखकर लिए थे। 33 हजार रुपये चुकाने के बाद भी जेवरात वापस नहीं किए। अब पता चला है कि सराफ का परिवार भाग गया है। इस संबंध में शाहगंज थाने में सराफ श्यामसुंदर, महेश, बृजेश, मनीष और जगमोहन के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा लिखाया है। लगभग 50 लोग शाहगंज थाने पहुंचे थे। किसी का एक लाख तो किसी के पांच लाख रुपये सराफ पर बकाया हैं। इंस्पेक्टर शाहगंज ने बताया कि सराफ की देनदारी ज्यादा है। कार्रवाई की जा रही है।
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लेनदेन कर दिया था बंद
सराफा कारोबारी ने दो सप्ताह से लोगों से लेनदेन बंद कर दिया था। उर्मिला का कहना था कि सराफने तीन दिन पहले कहा था कि अगले सप्ताह अपना हिसाब कर लेना। कई लोगों को उन्होंने बहाने बनाकर लौटा दिया था। शाहगंज थाने में दर्ज हुई एफआईआर में 41 लोगों ने बकाया होने की बात कही है। इनमें राजीव सिंह, विजयपाल, मुन्नी देवी, उर्मिला, मिथलेश, सर्वेश, निरंजन, ओमवती, रामवीर, दिनेश, साहब सिंह, प्रमोद अग्रवाल, दिनेशचंद्र अग्रवाल, हेत सिंह, कुसुमा देवी आदि शामिल हैं। लोगों ने बताया कि रामनगर, अलबतिया, अवधपुरी, केदार नगर, भोगीपुरा और जगदीशपुरा के भी सैकड़ों लोगों का सराफ से लेनदेन चलता था। तकरीबन सात करोड़ रुपये लेकर फरार हुआ है।
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केदार नगर निवासी कन्हैयालाल वर्मा इलाके के प्रतिष्ठित सराफ थे। केदार नगर तिराहे पर उनकी मैसर्स कन्हैयालाल एंड संस के नाम से पुराना शोरूम है। उनके बेटे श्यामसुंदर और महेशचंद्र कारोबार संभालते हैं। इलाके के लोग उनके यहां जेवर गिरवी रखकर पैसा लेते हैं। इसके साथ ही बहुत से लोग उनके व्यापार में अपना पैसा भी लगाते थे। इलाके में अच्छी साख होने के कारण कारोबारी पर लोगों का भरोसा था। 10 फरवरी से पूरा परिवार कोठी और शोरूम बंद करके भूमिगत हो गया। उनके मोबाइल भी बंद हो गए हैं। रविवार की सुबह काफी संख्या में लोग शोरूम पर पहुंच गए। हंगामा करने लगे। लोगों का कहना था कि उनका लाखों रुपये का माल सराफ पर है।
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अवधपुरी निवासी बसंत कुमार का कहना है कि 55 हजार रुपये गहने गिरवी रखकर लिए थे। 33 हजार रुपये चुकाने के बाद भी जेवरात वापस नहीं किए। अब पता चला है कि सराफ का परिवार भाग गया है। इस संबंध में शाहगंज थाने में सराफ श्यामसुंदर, महेश, बृजेश, मनीष और जगमोहन के खिलाफ अमानत में खयानत का मुकदमा लिखाया है। लगभग 50 लोग शाहगंज थाने पहुंचे थे। किसी का एक लाख तो किसी के पांच लाख रुपये सराफ पर बकाया हैं। इंस्पेक्टर शाहगंज ने बताया कि सराफ की देनदारी ज्यादा है। कार्रवाई की जा रही है।
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लेनदेन कर दिया था बंद
सराफा कारोबारी ने दो सप्ताह से लोगों से लेनदेन बंद कर दिया था। उर्मिला का कहना था कि सराफने तीन दिन पहले कहा था कि अगले सप्ताह अपना हिसाब कर लेना। कई लोगों को उन्होंने बहाने बनाकर लौटा दिया था। शाहगंज थाने में दर्ज हुई एफआईआर में 41 लोगों ने बकाया होने की बात कही है। इनमें राजीव सिंह, विजयपाल, मुन्नी देवी, उर्मिला, मिथलेश, सर्वेश, निरंजन, ओमवती, रामवीर, दिनेश, साहब सिंह, प्रमोद अग्रवाल, दिनेशचंद्र अग्रवाल, हेत सिंह, कुसुमा देवी आदि शामिल हैं। लोगों ने बताया कि रामनगर, अलबतिया, अवधपुरी, केदार नगर, भोगीपुरा और जगदीशपुरा के भी सैकड़ों लोगों का सराफ से लेनदेन चलता था। तकरीबन सात करोड़ रुपये लेकर फरार हुआ है।