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UP: दरोगा ने विवेचना में लगाई देर तो नपेंगे थानेदार, पुलिस आयुक्त ने दिए नए आदेश; पुलिसकर्मी पढ़ लें ये खबर
Wed, 05 Aug 2026 09:44 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 05 Aug 2026 09:44 AM IST
सार
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने विवेचना में अनावश्यक देरी और आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पर थाना प्रभारी व विवेचक की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रमुख शिव मंदिरों व कांवड़ मार्गों पर डायवर्जन लागू कर यातायात सुचारु रखने और ड्रोन-सीसीटीवी से निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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पुलिस आयुक्त दीपक कुमार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने विवेचनाओं में अनावश्यक देरी और आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि विवेचना समय से पूरी नहीं हुई या शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं हुआ तो संबंधित थाना प्रभारी और विवेचक की जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नरेट में मंगलवार को आयोजित अपराध समीक्षा बैठक सावन, कांवड़ यात्रा और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास प्रभावी डायवर्जन लागू कर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के निर्देश भी दिए।
पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच मौके पर जाकर की जाए। लंबित और डिफॉल्टर प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी। यक्ष एप के माध्यम से अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए।
न्यायालय समन और नोटिस की तामील समयबद्ध करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि विवेचना 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी कर अंतिम रिपोर्ट समय से न्यायालय भेजी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों की ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, जेल से छूटे अपराधियों पर नजर रखने तथा एनडीपीएस के मामलों में जब्त मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कांवड़ मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, डायवर्जन योजना का कड़ाई से पालन कराने, जाम नहीं लगने देने, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखने का निर्देश दिया।
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पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिए कि आईजीआरएस और जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच मौके पर जाकर की जाए। लंबित और डिफॉल्टर प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी तय होगी। यक्ष एप के माध्यम से अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन किया जाए।
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न्यायालय समन और नोटिस की तामील समयबद्ध करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि विवेचना 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी कर अंतिम रिपोर्ट समय से न्यायालय भेजी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों की ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी, जेल से छूटे अपराधियों पर नजर रखने तथा एनडीपीएस के मामलों में जब्त मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण के निर्देश दिए गए। पुलिस आयुक्त ने कांवड़ मार्गों, प्रमुख शिव मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, डायवर्जन योजना का कड़ाई से पालन कराने, जाम नहीं लगने देने, ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखने का निर्देश दिया।
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