Agra: ई-रिक्शा निकालने से रोकने पर व्यापारियों ने होमगार्ड की वर्दी फाड़ी, एसओ से की अभद्रता
साड़ी व्यापारी ई-रिक्शा से माल लेकर आ रहे थे। वह बैरियर हटाकर रिक्शा निकालने लगे। इस पर होमगार्ड ने रोक दिया। व्यापारियों ने अभद्रता करते हुए होमगार्ड की वर्दी फाड़ दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के सुभाष बाजार में रविवार शाम को बैरियर हटाकर ई-रिक्शा निकालने पर दो व्यापारियों का होमगार्ड से विवाद हो गया। आरोप है कि व्यापारियों ने होमगार्ड से अभद्रता की। वर्दी तक फाड़ दी। एसओ के पहुंचने पर उनसे भी उलझ गए। व्यापारियों को थाने लाने पर व्यापारी जुट गए। हंगामा करने लगे। उधर, होमगार्ड ने मुकदमा दर्ज कराया। जानकारी पर विहिप कार्यकर्ताओं ने थाना घेर लिया। व्यापारियों के माफी मांगने पर थाने से जमानत पर छोड़ा गया।
सुभाष बाजार में त्योहारी सीजन को देखते हुए पुलिस ने रात नौ बजे तक बाजार में लोडिंग वाहनों के आने-जाने पर रोक लगा रखी है। इसके लिए बैरियर भी लगाए हैं। रविवार शाम सात बजे साड़ी व्यापारी तेजस्व उर्फ कशिश शर्मा और शिवांग ई-रिक्शा से अपना माल लेकर आ रहे थे। वह बैरियर हटाकर रिक्शा निकालने लगे। वहां तैनात होमगार्ड सुरेश चंद ने उन्हें रोका।
व्यापारियों पर अभद्रता करने का आरोप
आरोप है कि होमगार्ड के रिक्शा नहीं ले जाने देने पर व्यापारी आक्रोशित हो गए। उन्होंने होमगार्ड की वर्दी पकड़कर खींच दी। व्यापारियों ने खुद को विश्व हिंदू परिषद से जुड़ा बताया। विवाद बढ़ने पर होमगार्ड ने थाने पर जानकारी दी। इस पर थाना मंटोला के एसओ राजवीर सिंह पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए।
आरोप है कि एसओ से भी अभद्रता करने लगे। दोनों व्यापारियों को थाने ले आया गया। इस पर बड़ी संख्या में व्यापारी थाने पहुंच गए। एसओ ने समझाने का प्रयास किया तो उनसे भी अभद्रता कर दी। धक्का-मुक्की तक हो गई। इस पर पुलिस कर्मियों ने व्यापारियों को खदेड़ा। मामले में होमगार्ड ने तहरीर दे दी।
गलती पर माफी मांगी, तब मिली रिहाई
मामले की जानकारी पर विहिप कार्यकर्ता और व्यापारी जुट गए। उन्होंने थाने का घेराव कर लिया। सीओ छत्ता सुकन्या ने पहुंचकर सभी को समझाया। उन्होंने बताया कि होमगार्ड की वर्दी फाड़ी गई थी। एसओ से भी अभद्रता की थी। मामले में सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में व्यापारियों ने भी माफी मांगी। इस पर दोनों आरोपी व्यापारियों को थाने से जमानत दे दी गई। पुलिस घटना के संबंध में विधिक कार्रवाई करेगी।