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विश्वविद्यालय: परीक्षा दी नहीं फिर भी कर दिए पास, एसआईटी की जांच में चौंकाने वाले खुलासे
Sun, 06 Jun 2021 12:23 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 06 Jun 2021 12:23 PM IST
सार
विश्वविद्यालय की जांच कमेटी को एसआईटी की ओर से की गई बीएड फर्जीवाड़े की जांच सही मिल रही है। इसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। फोइल में अनुपस्थित छात्र की चार्ट में उपस्थिति दिखाकर नंबर दिए गए हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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विस्तार
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से जारी बीएड सत्र 2004-05 के 1084 टेंपर्ड प्रमाण पत्रों की जांच करा रहा है। हाईकोर्ट ने जांच पूरी करने के चार माह का समय दिया था, जो कि इसी माह पूरा हो जाएगा। विश्वविद्यालय की जांच कमेटी की नियमित रूप से बैठकें हो रही हैं। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के अनुरूप ही मामले मिल रहे हैं।
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कुलपति प्रो. अशोक मित्तल के आदेश पर चार सदस्यीय कमेटी फरवरी 2021 से टेंपर्ड प्रमाण पत्रों की जांच कर रही है। शुरूआत में जांच की रफ्तार धीमी रही। नियमित रूप से कमेटी की बैठकें नहीं हो पा रही थी। बाद में कमेटी को चार सहायक दिए गए।
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जून अंत में विश्वविद्यालय को हाईकोर्ट में जांच रिपोर्ट देनी है, इसको देखते हुए जांच की रफ्तार बढ़ाई गई है। सूत्रों के अनुसार 60 फीसदी छात्रों के अंकों का मिलान फोइल और चार्ट से किया जा चुका है। इसमें 95 फीसदी से अधिक अभ्यर्थियों के अंक फोइल की अपेक्षा चार्ट में बढ़े हुए मिले हैं। यहां की जो छात्र फोइल में अनुत्तीर्ण हैं, उनको भी चार्ट में प्रथम श्रेणी के अंक प्रदान किए गए हैं।
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एसआईटी ने उपलब्ध कराया फोइल
विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई जांच समिति को टेंपर्ड प्रमाण पत्रों की जांच के लिए फोइल की जरूरत पड़ी। जिसे एसआईटी सील करके ले गई थी, समय-समय पर जांच के लिए विवि की जांच कमेटी को फोइल उपलब्ध कराई गई।
प्रायोगिक में अंक ज्यादा बढ़ाए गए
सूत्रों के अनुसार चार्ट में प्रायोगिक के एक्सटर्नल में ज्यादा अंक बढ़ाए गए हैं। एक्सटर्नल 150 अंक का और इंटरर्नल50 अंक का था। उदाहरण के तौर पर फोइल में जिस अभ्यर्थी को एक्सटर्नल में 150 में से 70 अंक मिले थे, उसके बढ़ाकर 130 और 140 कर दिए गए।
जून तक पूरी हो जाएगी जांच
जांच कमेटी में चार संकायों के डीन हैं। इसमें प्रो. पीके सिंह, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. यूसी शर्मा और प्रो. लवकुश मिश्रा हैं। चार सहायक भी लगाए गए हैं। अभी करीब 40 फीसदी अभ्यर्थियों के अंकों का मिलान किया जाना है। कमेटी रोजाना बैठकर मामले की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि कमेटी नियमित रूप से जांच कर रही है। कोर्ट की ओर से दिए गए समय के अनुसार जांच जून तक पूरी करा ली जाएगी।
छात्रों की भी निर्णय पर नजर
विश्वविद्यालय के निर्णय पर एडेड कॉलेज के उन छात्रों की भी नजर है, जिनके अंक फोइल में अधिक हैं, पर चार्ट में कम हो गए। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम हैं। नंबरों में अंतर भी बहुत कम है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन निर्णय लेगा।
विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई जांच समिति को टेंपर्ड प्रमाण पत्रों की जांच के लिए फोइल की जरूरत पड़ी। जिसे एसआईटी सील करके ले गई थी, समय-समय पर जांच के लिए विवि की जांच कमेटी को फोइल उपलब्ध कराई गई।
प्रायोगिक में अंक ज्यादा बढ़ाए गए
सूत्रों के अनुसार चार्ट में प्रायोगिक के एक्सटर्नल में ज्यादा अंक बढ़ाए गए हैं। एक्सटर्नल 150 अंक का और इंटरर्नल50 अंक का था। उदाहरण के तौर पर फोइल में जिस अभ्यर्थी को एक्सटर्नल में 150 में से 70 अंक मिले थे, उसके बढ़ाकर 130 और 140 कर दिए गए।
जून तक पूरी हो जाएगी जांच
जांच कमेटी में चार संकायों के डीन हैं। इसमें प्रो. पीके सिंह, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, प्रो. यूसी शर्मा और प्रो. लवकुश मिश्रा हैं। चार सहायक भी लगाए गए हैं। अभी करीब 40 फीसदी अभ्यर्थियों के अंकों का मिलान किया जाना है। कमेटी रोजाना बैठकर मामले की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि कमेटी नियमित रूप से जांच कर रही है। कोर्ट की ओर से दिए गए समय के अनुसार जांच जून तक पूरी करा ली जाएगी।
छात्रों की भी निर्णय पर नजर
विश्वविद्यालय के निर्णय पर एडेड कॉलेज के उन छात्रों की भी नजर है, जिनके अंक फोइल में अधिक हैं, पर चार्ट में कम हो गए। हालांकि ऐसे मामले बहुत कम हैं। नंबरों में अंतर भी बहुत कम है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन निर्णय लेगा।