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Sharad purnima 2020: द्वारिकाधीश महाराज ने किए श्वेत वस्त्र धारण, मलाई-रबड़ी का लगा विशेष भोग
Sat, 31 Oct 2020 12:13 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 31 Oct 2020 12:13 AM IST
सार
शरद पूर्णिमा पर ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज ने श्वेत वस्त्र धारण किए। सायंकालीन बेला में रास के विशेष दर्शन हुए। ठाकुर जी चंद्रमा
की चांदनी में गोप-गोपियों के साथ महारास कर भक्तों को दर्शन दे रहे थे। मंदिर के जगमोहन के बाहर बगीचा बनाकर ग्वाल-बाल,
गाय, गोपीलता और पता से सजाया गया।
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श्वेत वस्त्र धारण किए द्वारिकाधीश महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में शुक्रवार को शरद पूर्णिमा का त्योहार श्रद्घा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस दौरान संपूर्ण मंदिर को सफेद रंग के कपड़ों से सजाया गया। वहीं दूध, मलाई और रबड़ी का विशेष भोग लगाया गया। शरद पूर्णिमा पर ठाकुर द्वारिकाधीश महाराज ने श्वेत वस्त्र धारण किए। सायंकालीन बेला में रास के विशेष दर्शन हुए।
ठाकुर जी चंद्रमा की चांदनी में गोप-गोपियों के साथ महारास कर भक्तों को दर्शन दे रहे थे। मंदिर के जगमोहन के बाहर बगीचा बनाकर ग्वाल-बाल, गाय, गोपीलता और पता से सजाया गया। ठाकुरजी की अलौकिक छवि को देखकर देश-विदेश से आए श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हुए। ठाकुरजी को दूध, मलाई और रबड़ी का विशेष भोग निवेदित किया गया। मंदिर की आभा भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी।
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज के आदेशानुसार व मंदिर के गोस्वामी काकरोली युवराज डॉ. वागीश कुमार महाराज के निर्देशानुसार आज मंदिर प्रांगण में शरद पूर्णिमा का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। प्रात: काल से ही मंदिर में एक उत्साह का माहौल था और लोग अपने आराध्य के दर्शन कर खुद को धन्य मान रहे थे। प्रात: काल से ही ठाकुर जी ने सफेद पोशाक धारण की।
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ठाकुर जी चंद्रमा की चांदनी में गोप-गोपियों के साथ महारास कर भक्तों को दर्शन दे रहे थे। मंदिर के जगमोहन के बाहर बगीचा बनाकर ग्वाल-बाल, गाय, गोपीलता और पता से सजाया गया। ठाकुरजी की अलौकिक छवि को देखकर देश-विदेश से आए श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हुए। ठाकुरजी को दूध, मलाई और रबड़ी का विशेष भोग निवेदित किया गया। मंदिर की आभा भक्तों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी।
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मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि मंदिर के गोस्वामी बृजेश कुमार महाराज के आदेशानुसार व मंदिर के गोस्वामी काकरोली युवराज डॉ. वागीश कुमार महाराज के निर्देशानुसार आज मंदिर प्रांगण में शरद पूर्णिमा का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया गया। प्रात: काल से ही मंदिर में एक उत्साह का माहौल था और लोग अपने आराध्य के दर्शन कर खुद को धन्य मान रहे थे। प्रात: काल से ही ठाकुर जी ने सफेद पोशाक धारण की।
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इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी लक्ष्मन प्रसाद पाठक, बृजेश मुखिया, समाधानी राजीव चतुर्वेदी, बृजेश चतुर्वेदी, बलदेव भंडारी, सत्यनारायण रोकड़िया, अमित चतुर्वेदी, त्रिलोकि नाथ, अजय भट्ट,, कन्हैया लाल जीतू व मंदिर के मुखिया सुधीर कुमार आदि ने सभी व्यवस्थाओं को संभाला।
गोवर्धन नाथ मंदिर में मनाया गया शरद पूर्णिमा पर्व
प्राचीन मंदिर गोवर्धन नाथ मंदिर में शरद पूर्णिमा पर्व श्रद्घा के साथ मनाया गया। प्रात: काल दूध, दही, शहद, घी और बुरा से सेवायत महंत लोकेंद्र नाथ कौशिक एवं वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा भगवान का मंत्रोच्चारण के बीच अभिषेक कराया गया गया। ठाकुरजी को नए श्वेत वस्त्र धारण कराए गए। शाम को भगवान को चंद्रमा की चांदनी में विराजमान किया गया। इस दौरान मंदिर में सफेद लाइटें लगाई गई।
ठाकुरजी के सम्मुख पद गायन किए गए। धवल चांदनी के बीच कलाकारों द्वारा मंदिर प्रांगण में रास पंचाध्याई के गोपी का सस्वर पठन किया गया। इस अवसर पर केपी शर्मा, रत्नेश चतुर्वेदी, आरके त्रिपाठी, वेदांत कौशिक, मुरारी लाल चतुर्वेदी, रसिक बिहारी शर्मा, राहुल शर्मा द्वारा खीर का प्रसाद भक्तों में वितरण किया गया।
गोवर्धन नाथ मंदिर में मनाया गया शरद पूर्णिमा पर्व
प्राचीन मंदिर गोवर्धन नाथ मंदिर में शरद पूर्णिमा पर्व श्रद्घा के साथ मनाया गया। प्रात: काल दूध, दही, शहद, घी और बुरा से सेवायत महंत लोकेंद्र नाथ कौशिक एवं वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा भगवान का मंत्रोच्चारण के बीच अभिषेक कराया गया गया। ठाकुरजी को नए श्वेत वस्त्र धारण कराए गए। शाम को भगवान को चंद्रमा की चांदनी में विराजमान किया गया। इस दौरान मंदिर में सफेद लाइटें लगाई गई।
ठाकुरजी के सम्मुख पद गायन किए गए। धवल चांदनी के बीच कलाकारों द्वारा मंदिर प्रांगण में रास पंचाध्याई के गोपी का सस्वर पठन किया गया। इस अवसर पर केपी शर्मा, रत्नेश चतुर्वेदी, आरके त्रिपाठी, वेदांत कौशिक, मुरारी लाल चतुर्वेदी, रसिक बिहारी शर्मा, राहुल शर्मा द्वारा खीर का प्रसाद भक्तों में वितरण किया गया।