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सरकारी जमीन पर फर्जीवाड़ा: पीसीएस से लेकर अभियंताओं तक, इन अधिकारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार

Sat, 07 Nov 2026 10:48 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 07 Nov 2026 10:48 AM IST
सार

आगरा के धाकरान में सरकारी नजूल जमीन पर निर्माण का नक्शा फर्जी एनओसी के आधार पर पास कराने के मामले में कई अधिकारी जांच के घेरे में हैं। पुलिस फर्जी और असली एनओसी के हस्ताक्षरों का मिलान कराने के साथ पीसीएस अधिकारियों और अभियंताओं से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
 

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Several PCS Officers and Engineers Under Scanner Over Fake NOC Used for Building Map Approval
आगरा विकास प्राधिकरण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के धाकरान में सरकारी जमीन पर निर्माण के लिए फर्जी एनओसी की मदद से नक्शा पास कराने के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब प्रकरण में कई अफसरों की गर्दन फंस गई है। धाकरान और उससे पहले गुड़ की मंडी में फर्जी एनओसी से नक्शा पास कराने मामले में कई स्तर पर गड़बड़ी मिली है।
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आगरा विकास प्राधिकरण के कई अभियंताओं पर पहले से ही विभागीय कार्रवाई की तलवार लटक रही है। अब हस्ताक्षर के मिलान, फर्जी व असली एनओसी को प्राप्त करने व देखकर अनदेखा करने की मिलीभगत में शामिल अफसर कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। सूत्रों का कहना है कि पुलिस मामले में फर्जी व असली एनओसी में मौजूद हस्ताक्षर के मिलान कराएगी। वहीं, एनओसी किसने और कहां तैयार की, किसके जरिये मुहैया कराई, इसपर भी जांच कर रही है।
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प्राधिकरण सूत्रों का कहना है कि जल्द ही पुलिस मामले में कई पीसीएस अधिकारियों के अलावा कई अभियंताओं से भी पूछताछ करेगी। इसके बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए मामले के अंतिम छोर तक पहुंचा जाएगा। धाकरान चौराहे के पास स्थित बेशकीमती सरकारी नजूल जमीन पर निजी निर्माण के लिए एडीएम कार्यालय के नाम से तैयार की गई एक फर्जी एनओसी एडीए में जमा कराई गई थी। इसी दस्तावेज के आधार पर अफसरों की मिलीभगत से नक्शा स्वीकृत करा लिया गया।
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मामले की पोल तब खुली जब शिकायत के बाद एडीएम कार्यालय और एडीए के दस्तावेज का मिलान किया गया। फर्जीवाड़ा उजागर होते ही प्राधिकरण ने नक्शा निरस्त कर दिया। साथ ही मामले में संलिप्त बिल्डर और आर्किटेक्ट समेत आरोपियों पर जालसाजी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में प्राथमिकी कराई। अधिकारियों का मानना है कि बिना निचले और उच्च स्तरीय अधिकारियों की सांठगांठ के यह संभव नहीं है।


आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस अपनी जांच कर रही है। प्राधिकरण ने जांच पूरी कर संबंधित अभियंताओं पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिख दिया है। 
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