आगरा में कोरोना: सात नए कोविड हॉस्पिटल बनाए जाएंगे, व्यवस्थाओं में जुटा स्वास्थ्य विभाग
आगरा में कोरोना वायरस के संक्रमण से हालात भयावह होते जा रहे हैं। इससे निपटने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है।
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आगरा में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोविड अस्पतालों की संख्या बढ़ाई जा रही है। सात और हॉस्पिटल बनाए जाएंगे। इस समय एसएन मेडिकल कॉलेज के कोविड हॉस्पिटल और निजी कोविड हॉस्पिटल में आईसीयू फुल हैं। सक्रिय मरीजों की संख्या 1568 पर पहुंच गई है। गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड उपलब्ध नहीं हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि श्री पारस हॉस्पिटल भगवान टाकीज चौराहा, ब्लोसम हॉस्पिटल खंदारी, जसवंत हॉस्पिटल न्यू आगरा, पल्स हॉस्पिटल लोहामंडी, जेडी हॉस्पिटल ट्रांस यमुना कॉलोनी, नयति हॉस्पिटल हाईवे सिकंदरा और मूलचंद हॉस्पिटल हाईवे में कोविड हॉस्पिटल बनाया जाएगा।
इनमें जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। इससे एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के साथ 10 निजी कोविड हॉस्पिटल तैयार हो जाएंगे। कोविड हॉस्पिटल में दो दिन में बेड की संख्या 438 से बढ़ाकर 1064 कर दी जाएगी।
कोरोना की जांच के लिए जिला अस्पताल के रोजगार कार्यालय और एसएन मेडिकल कॉलेज में लंबी लाइन लग रही है। रोजाना करीब 4000 लोगों की कोरोना की जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं। रोजगार कार्यालय और एसएन मेडिकल कॉलेज के पुरानी एआरटी सेंटर के बाहर कोरोना की जांच कराने के लिए लाइन लग रही है। इसके अलावा आईएसबीटी और रेलवे स्टेशन पर एंटीजन टेस्ट किए जा रहे हैं।
हर रोज 25-26 टन ऑक्सीजन की खपत, रेमडेसिविर नहीं मिला
कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की मांग भी बढ़ती जा रही है। हर रोज 25 से 26 टन ऑक्सीजन की खपत हो रही है। ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी होने लगी है। वहीं, संक्रमित गंभीर मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल रहा है। लखनऊ से आगरा के लिए इंजेक्शन की आपूर्ति अभी नहीं हो पाई है। यहां अब मात्र 30 इंजेक्शन बचे हैं।
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