{"_id":"6283deaecac25e5fd9272d00","slug":"senior-basic-teachers-protest-at-bsa-office-mainpuri-news-agr5337581134","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीनियर बेसिक शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीनियर बेसिक शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर दिया धरना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। उत्तर प्रदेशीय सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
बीएसए कार्यालय पर दो बजे से चार बजे तक उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने धरना दिया। इस दौरान शिक्षक नेताओं का कहना था कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित चल रही हैं जिन पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिलाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा कि छह नवंबर 2019 को सरकार के साथ छह सूत्री मांगों पर सहमति बनी थी जिसमें से तीन प्रमुख मांगों पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
जबकि बेसिक शिक्षा के वेतन अनुभाग और शिक्षा निदेशालय कार्यालय में संबंधित मांगों की पत्रावलियां इधर से उधर घूम रही हैं। कलक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षक नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार पुनरीक्षण के पश्चात चयन/प्रोन्नत वेतनमान का शासनादेश जारी किया जाए।
विज्ञापन
लिपिकों को ग्रेड वेतन 1900 के स्थान पर 2000 अन्य विभागों के समान उनके यहां भी जारी किया जाए। शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को एक जनवरी 2006 से लागू वेतन संरचना में सामूहिक बीमा धनराशि बढ़ाए जाने का शासनादेश जारी किया जाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार दुबे, संयुक्त मंत्री बृजेश कुमार, अरुण कुमार शाक्य, रमेश चंद्र, राधेश्याम, आलोक यादव, अशोक चतुर्वेदी, जीतेंद्र चतुर्वेदी शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय पर दो बजे से चार बजे तक उत्तर प्रदेश सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने धरना दिया। इस दौरान शिक्षक नेताओं का कहना था कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित चल रही हैं जिन पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिलाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा कि छह नवंबर 2019 को सरकार के साथ छह सूत्री मांगों पर सहमति बनी थी जिसमें से तीन प्रमुख मांगों पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
जबकि बेसिक शिक्षा के वेतन अनुभाग और शिक्षा निदेशालय कार्यालय में संबंधित मांगों की पत्रावलियां इधर से उधर घूम रही हैं। कलक्ट्रेट पहुंचकर शिक्षक नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुसार पुनरीक्षण के पश्चात चयन/प्रोन्नत वेतनमान का शासनादेश जारी किया जाए।
विज्ञापन
लिपिकों को ग्रेड वेतन 1900 के स्थान पर 2000 अन्य विभागों के समान उनके यहां भी जारी किया जाए। शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को एक जनवरी 2006 से लागू वेतन संरचना में सामूहिक बीमा धनराशि बढ़ाए जाने का शासनादेश जारी किया जाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अरुण कुमार दुबे, संयुक्त मंत्री बृजेश कुमार, अरुण कुमार शाक्य, रमेश चंद्र, राधेश्याम, आलोक यादव, अशोक चतुर्वेदी, जीतेंद्र चतुर्वेदी शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।