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बीएड कॉलेजों के नाम सशर्त काउंसिलिंग के लिए भेजे
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी बीएड कॉलेजों के नाम सशर्त काउंसलिंग के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय को भेज दिए गए हैं। मथुरा के कॉलेजों के संबंध में मंगलवार को विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में प्रभारी कुलपति प्रो. आलोेक कुमार राय की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक हुई। मथुरा के 39 बीएड कॉलेजों की सीटें भी काउंसलिंग के लिए भेजने का निर्णय लिया गया। सीटों में कटौती भी नहीं की गई है। कॉलेजों को 30 नवंबर तक स्थायी संबद्धता की शर्तें पूरी करनी होंगी।
प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि बीएड काउंसलिंग के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय को कॉलेजों के नाम और उनकी सीटों का ब्योरा भेजने की आखिरी तारीख 14 सितंबर निर्धारित की गई थी। इसलिए मथुरा के कॉलेजों के संबंध में निर्णय लेने के लिए मंगलवार को कार्य परिषद की आकस्मिक बैठक बुलानी पड़ी। वजह, पूर्व में कार्य परिषद के निर्णय के अनुसार ही मथुरा के 31 कॉलेजों को कमियां पूरी करने के लिए कई मौके दिए गए थे, इसमें से 15 बीएड कॉलेज थे।
वहीं ज्यादा कमियां पाए जाने पर 68 कॉलेजों की संबद्धता अग्रिम आदेशों तक स्थगित की गई थी। इसमें से बीएड के 24 कॉलेज थे। इस तरह से कुल 39 बीएड कॉलेजों का विश्वविद्यालय स्तर से समिति गठित कर 11 और 12 सितंबर को जांच कराई गई।
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टीमों की जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को कार्य परिषद में निर्णय लिया गया कि कॉलेजों को 30 नवंबर तक कमियां दूर करके शपथपत्र देना होगा। इसके साथ ही स्थायी संबद्धता की शर्तें पूरी करनी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों का भौतिक सत्यापन करा सकता है। बैठक में कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, वित्त अधिकारी एके सिंह, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. बीडी शुक्ला, डॉ. मोहम्मद हुसैन, डॉ. जैसवार गौतम, डॉ. रनवीर सिंह, डॉ. प्रीति जौहरी के अलावा कुछ सदस्य ऑनलाइन जुड़े।
जिन 224 कॉलेजों को नोटिस दिया था, उनके नाम भी भेजे
आगरा। अस्थायी संबद्धता वाले 224 कॉलेजों को नोटिस जारी कर कमियां दूर करने का मौका दिया गया था। प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि इसमें से अधिकतर कॉलेजों ने कमियां दूर करने के संबंध में प्रमाणपत्र दिए हैं। इनकी सीटों में कोई कटौती नहीं की गई है। कॉलेजों को 30 नवंबर तक स्थायी संबद्धता के लिए आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि चालू शैक्षणिक सत्र के लिए शासन स्तर से ही कॉलेजों की अस्थायी संबद्धता नवंबर 2021 तक के लिए बढ़ा दी गई थी।
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प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि बीएड काउंसलिंग के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय को कॉलेजों के नाम और उनकी सीटों का ब्योरा भेजने की आखिरी तारीख 14 सितंबर निर्धारित की गई थी। इसलिए मथुरा के कॉलेजों के संबंध में निर्णय लेने के लिए मंगलवार को कार्य परिषद की आकस्मिक बैठक बुलानी पड़ी। वजह, पूर्व में कार्य परिषद के निर्णय के अनुसार ही मथुरा के 31 कॉलेजों को कमियां पूरी करने के लिए कई मौके दिए गए थे, इसमें से 15 बीएड कॉलेज थे।
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वहीं ज्यादा कमियां पाए जाने पर 68 कॉलेजों की संबद्धता अग्रिम आदेशों तक स्थगित की गई थी। इसमें से बीएड के 24 कॉलेज थे। इस तरह से कुल 39 बीएड कॉलेजों का विश्वविद्यालय स्तर से समिति गठित कर 11 और 12 सितंबर को जांच कराई गई।
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टीमों की जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को कार्य परिषद में निर्णय लिया गया कि कॉलेजों को 30 नवंबर तक कमियां दूर करके शपथपत्र देना होगा। इसके साथ ही स्थायी संबद्धता की शर्तें पूरी करनी होगी। विश्वविद्यालय प्रशासन कॉलेजों का भौतिक सत्यापन करा सकता है। बैठक में कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, वित्त अधिकारी एके सिंह, प्रो. मनोज श्रीवास्तव, डॉ. बीडी शुक्ला, डॉ. मोहम्मद हुसैन, डॉ. जैसवार गौतम, डॉ. रनवीर सिंह, डॉ. प्रीति जौहरी के अलावा कुछ सदस्य ऑनलाइन जुड़े।
जिन 224 कॉलेजों को नोटिस दिया था, उनके नाम भी भेजे
आगरा। अस्थायी संबद्धता वाले 224 कॉलेजों को नोटिस जारी कर कमियां दूर करने का मौका दिया गया था। प्रभारी कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि इसमें से अधिकतर कॉलेजों ने कमियां दूर करने के संबंध में प्रमाणपत्र दिए हैं। इनकी सीटों में कोई कटौती नहीं की गई है। कॉलेजों को 30 नवंबर तक स्थायी संबद्धता के लिए आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि चालू शैक्षणिक सत्र के लिए शासन स्तर से ही कॉलेजों की अस्थायी संबद्धता नवंबर 2021 तक के लिए बढ़ा दी गई थी।