बहनजी के आदेश पर राजनीति में आईं सीमा, इस बार नहीं लड़ेंगे चुनाव: रामवीर
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बसपा के कद्दावर नेता व पूर्व ऊर्जामंत्री रामवीर उपाध्याय ने बसपा को छोड़ अन्य किसी दल में जाने की अटकलों को महज अफवाह बताया है। उन्होंने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि इस बार वह और सीमा उपाध्याय चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि गठबंधन प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने या सीमा उपाध्याय ने कभी अलीगढ़ सीट से दावेदारी नहीं की। बहन मायावती जहां से कहती हैं, वहीं से चुनाव लड़ते रहे हैं। अमर उजाला से हुई बातचीत में पूर्व ऊर्जामंत्री ने कहा कि हाथरस में सभी विकास कार्य उन्हीं के कार्यकाल में हुए हैं। भाजपा ने जरूर यहां अपने कार्यकाल में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कराया है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सीमा उपाध्याय बहन मायावती के आदेश पर ही राजनीति में आई थीं और हाथरस से जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं। उसके बाद बहनजी ने जहां से आदेश कर दिया, वहां वह चुनाव लड़ीं। उपाध्याय ने कहा कि वर्ष 1996 में वह जरूर पहली बार बसपा से टिकट मांगने के लिए गए थे। उसके बाद तो बहनजी ने उनके और सीमा उपाध्याय के टिकट के बारे में निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि बहन मायावती उनकी नेता हैं। उनसे किसी तरह का मतभेद महज एक अफवाह ही है। वह अलीगढ़ आगरा मंडल से बसपा के एकमात्र निर्वाचित विधायक हैं। सादाबाद की जनता ने पिछले चुनाव में उन्हें काफी मतों से विजयी बनाया।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने बसपा से कभी अलीगढ़ से भी दावेदारी नहीं की। बहन जी ही टिकट देने का फैसला करती हैं। जहां से टिकट देती हैं, वहां से चुनाव लड़ लेते हैं। इस बार फतेहपुर सीकरी में परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं। कुछ स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है। इसी वजह से सीमा उपाध्याय वहां से चुनाव नहीं लड़ रहीं हैं।