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स्कूलों में नहीं पहुंचते सफाई कर्मी, बच्चों को लगानी पड़ती है झाड़ू
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गांव रारपट्टी के प्राथमिक स्कूल में टाट पट्टी बिछाते बच्चे- अमर उजाला
- फोटो : ETAH
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एटा। बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों की गुणात्मक शिक्षा के लिए कई तरह की योजनाएं भी चला रहा है। इसके बाद भी जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का हाल बदहाल है। विद्यालयों में बच्चों को अब तक न तो पाठ्यपुस्तकों का वितरण हुआ है और न ही उन्हें ड्रेस बांटी गई हैं। अमर उजाला टीम ने बुधवार सुबह स्कूलों की पड़ताल की, तो चौंकाने वाले हालात सामने आए। एक स्कूल में बच्चे झाड़ू लगाते मिले, तो कहीं बच्चे बिना किताब पढ़ते दिखे। साथ ही नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति बहुत कम थी। वहीं एक विद्यालय में तो बच्चे खुले आसमान के नीचे पढ़ते मिले। पढ़िए रिपोर्ट...
समय 8 बजकर 15 मिनट
स्कूल- प्राथमिक विद्यालय रारपट्टी
स्कूल की प्रधानाध्यापक अलका सक्सेना स्कूल के बाहर थीं। वहीं सहायक अध्यापिका तूलिका सक्सेना बरामदे में। स्कूल के कुछ बच्चे बरामदे में तो कुछ बच्चे कक्षाओं में अंदर टाट पट्टी बिछाते मिले। वहीं कक्षा दो के छात्र झाड़ू लगा रहे थे। विद्यालय में साफ सफाई थी ही नहीं। जानकारी करने पर प्रधानाध्यापिका ने बताया 129 बच्चे पंजीकृत है आज कुछ कम आए हैं। शिक्षा मित्र छुट्टी पर हैं।
समय 8 बजकर 35 मिनट
स्कूल - प्राथमिक विद्यालय बदरिया
यहां 170 बच्चों के सापेक्ष 80 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों को खुले आसमान के नीचे सहायक अध्यापिका पढ़ाती मिलीं। स्कूल में बने तीन कमरे जर्जर हालत में थे। यहां बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं है। कक्षा चार के बच्चों को कलरव की किताब नहीं मिली। मात्र 18 बच्चों को ही ड्रेस मिली है। प्रधानाध्यापिका ने बताया पहले ड्रेस सहायता समूह वाले दे रहे थे। बाद में देने से मना कर दिया। अब एक टेलर से ड्रेस सिलवाई जा रही है।
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समय 9 बजकर 15 मिनट
स्कूल- प्राथमिक विद्यालय गिरौरा
बुधवार को यहां पंजीकृत 116 छात्र छात्राओं में 65 छात्र छात्राएं उपस्थित थे। कक्षा दो के दो छात्रों ने बताया उन्हें भी किताबें नहीं मिली है। यहां 20 छात्राओं को ही ड्रेस मिली थी। प्रधानाध्यापिका सहित सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्र मौजूद थे।
समय 9 बजकर 35 मिनट
स्कूल- अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय पीएसी
यहां एक कक्षा में बच्चों को अंग्रेजी में पढ़ाया जा रहा था। अन्य कक्षाओं में हिंदी में पढ़ाई चल रही थी। प्रधानाध्यापक स्कूल में नही थे शिक्षिका ने बताया कि वह जूनियर विद्यालय में किसी काम से गए हैं। यहां 155 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 87 बच्चे उपस्थित थे।
समय 9 बजकर 50 मिनट
स्कूल- पूर्व माध्यमिक विद्यालय पीएसी
यहां पंजीकृत 125 बच्चों के सापेक्ष 70 बच्चे ही उपस्थित मिले। स्कूल में तीन अनुदेशक सहित तीन अन्य शिक्षक तैनात है। दो शिक्षकों को छोड़ अनुदेशक व शिक्षक बरामदे में बैठे बातें करते मिले। बाद में अनुदेशक व शिक्षक कक्षाओं में चले गए। वहीं एक छात्र ने बताया कि उसे दूध नहीं मिला है। प्रधानाध्यापिका ने बताया सभी बच्चों को दूध दिया गया है। उस बच्चे ने अपनी मर्जी से दूध नहीं लिया है। ड्रेस का वितरण नहीं हुआ था।
नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया गया था। कुछ बच्चों को पाठ्य पुस्तक मिलने के लिए रह गईं है। उन्हें एक दो दिन में उपलब्ध करा दी जाएंगी। ड्रेस का वितरण कराया जा रहा है। एक सप्ताह में सभी बच्चों को ड्रेस मिल जाएगी। संजय कुमार शुक्ला, बीएसए, एटा
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समय 8 बजकर 15 मिनट
स्कूल- प्राथमिक विद्यालय रारपट्टी
स्कूल की प्रधानाध्यापक अलका सक्सेना स्कूल के बाहर थीं। वहीं सहायक अध्यापिका तूलिका सक्सेना बरामदे में। स्कूल के कुछ बच्चे बरामदे में तो कुछ बच्चे कक्षाओं में अंदर टाट पट्टी बिछाते मिले। वहीं कक्षा दो के छात्र झाड़ू लगा रहे थे। विद्यालय में साफ सफाई थी ही नहीं। जानकारी करने पर प्रधानाध्यापिका ने बताया 129 बच्चे पंजीकृत है आज कुछ कम आए हैं। शिक्षा मित्र छुट्टी पर हैं।
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समय 8 बजकर 35 मिनट
स्कूल - प्राथमिक विद्यालय बदरिया
यहां 170 बच्चों के सापेक्ष 80 बच्चे उपस्थित थे। बच्चों को खुले आसमान के नीचे सहायक अध्यापिका पढ़ाती मिलीं। स्कूल में बने तीन कमरे जर्जर हालत में थे। यहां बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं है। कक्षा चार के बच्चों को कलरव की किताब नहीं मिली। मात्र 18 बच्चों को ही ड्रेस मिली है। प्रधानाध्यापिका ने बताया पहले ड्रेस सहायता समूह वाले दे रहे थे। बाद में देने से मना कर दिया। अब एक टेलर से ड्रेस सिलवाई जा रही है।
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समय 9 बजकर 15 मिनट
स्कूल- प्राथमिक विद्यालय गिरौरा
बुधवार को यहां पंजीकृत 116 छात्र छात्राओं में 65 छात्र छात्राएं उपस्थित थे। कक्षा दो के दो छात्रों ने बताया उन्हें भी किताबें नहीं मिली है। यहां 20 छात्राओं को ही ड्रेस मिली थी। प्रधानाध्यापिका सहित सहायक अध्यापक व दो शिक्षा मित्र मौजूद थे।
समय 9 बजकर 35 मिनट
स्कूल- अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक विद्यालय पीएसी
यहां एक कक्षा में बच्चों को अंग्रेजी में पढ़ाया जा रहा था। अन्य कक्षाओं में हिंदी में पढ़ाई चल रही थी। प्रधानाध्यापक स्कूल में नही थे शिक्षिका ने बताया कि वह जूनियर विद्यालय में किसी काम से गए हैं। यहां 155 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 87 बच्चे उपस्थित थे।
समय 9 बजकर 50 मिनट
स्कूल- पूर्व माध्यमिक विद्यालय पीएसी
यहां पंजीकृत 125 बच्चों के सापेक्ष 70 बच्चे ही उपस्थित मिले। स्कूल में तीन अनुदेशक सहित तीन अन्य शिक्षक तैनात है। दो शिक्षकों को छोड़ अनुदेशक व शिक्षक बरामदे में बैठे बातें करते मिले। बाद में अनुदेशक व शिक्षक कक्षाओं में चले गए। वहीं एक छात्र ने बताया कि उसे दूध नहीं मिला है। प्रधानाध्यापिका ने बताया सभी बच्चों को दूध दिया गया है। उस बच्चे ने अपनी मर्जी से दूध नहीं लिया है। ड्रेस का वितरण नहीं हुआ था।
नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया गया था। कुछ बच्चों को पाठ्य पुस्तक मिलने के लिए रह गईं है। उन्हें एक दो दिन में उपलब्ध करा दी जाएंगी। ड्रेस का वितरण कराया जा रहा है। एक सप्ताह में सभी बच्चों को ड्रेस मिल जाएगी। संजय कुमार शुक्ला, बीएसए, एटा