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UP: आरटीई में न लिया दाखिला तो रद होगी मान्यता, मिशनरी स्कूल भी लें दाखिला; यहां कर सकते हैं शिकायत
Mon, 23 Feb 2026 11:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 23 Feb 2026 11:44 AM IST
सार
आगरा के जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार का सख्ती से पालन कराने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है।
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स्कूल (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आरटीई (निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार) 2009 के तहत चयनित बच्चों का प्रवेश न लेने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जिला बेसिक शिक्षाधिकारी (बीएसए) जितेंद्र कुमार गोंड ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है।
बीएसए ने बताया कि इस टास्क फोर्स में खंड शिक्षा अधिकारी बिचपुरी रंजन गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी बरौली अहीर महेश कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी बाह अमरनाथ शामिल हैं। टास्क फोर्स का मुख्य कार्य उन स्कूलों की पहचान करना है जो चयनित बच्चों को प्रवेश देने में किसी प्रकार की अड़चन डाल रहे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी रंजन गुप्ता ने बताया कि यदि कोई स्कूल या उसका प्रबंधन चयनित बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने में लापरवाही बरतता है, तो पहले उसे समझाया जाएगा। यदि इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों का प्रवेश लेने से इन्कार किया तो उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी जाएगी और स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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बीएसए ने बताया कि यदि किसी अभिभावक को स्कूल में प्रवेश की समस्या आती है तो वे सीधे आरटीई सेल से संपर्क कर सकते हैं। वहां शिकायतों का समाधान कराया जाएगा। साथ ही आरटीई सेल और टास्क फोर्स दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि हर चयनित बच्चे को शत-प्रतिशत प्रवेश मिले।
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बीएसए ने बताया कि इस टास्क फोर्स में खंड शिक्षा अधिकारी बिचपुरी रंजन गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी बरौली अहीर महेश कुमार और खंड शिक्षा अधिकारी बाह अमरनाथ शामिल हैं। टास्क फोर्स का मुख्य कार्य उन स्कूलों की पहचान करना है जो चयनित बच्चों को प्रवेश देने में किसी प्रकार की अड़चन डाल रहे हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी रंजन गुप्ता ने बताया कि यदि कोई स्कूल या उसका प्रबंधन चयनित बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने में लापरवाही बरतता है, तो पहले उसे समझाया जाएगा। यदि इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने बच्चों का प्रवेश लेने से इन्कार किया तो उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी जाएगी और स्कूल की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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बीएसए ने बताया कि यदि किसी अभिभावक को स्कूल में प्रवेश की समस्या आती है तो वे सीधे आरटीई सेल से संपर्क कर सकते हैं। वहां शिकायतों का समाधान कराया जाएगा। साथ ही आरटीई सेल और टास्क फोर्स दोनों मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि हर चयनित बच्चे को शत-प्रतिशत प्रवेश मिले।