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अब सौर ऊर्जा से रोशन होंगे परिषदीय विद्यालय
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02एमएनपी-38-प्राइमरी विद्यालय रठेरा।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प में अब ग्राम पंचायतों की भूमिका अहम होगी। बकाया बिजली बिल भुगतान के बाद अब विद्यालयों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की कवायद शुरू हो गई है। शासन से आदेश आने के बाद जिला पंचायत राज विभाग ने काम शुरू कर दी है।
इस बार स्कूलों में बच्चों को पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने और गर्मियों में राहत दिलाने के लिए प्रयास किया गया है। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान विजय किरन आनंद ने इस संबंध में जिले को आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने ऐसे परिषदीय विद्यालय जहां बिजली कनेक्शन नहीं हैं और होने की संभावना भी नहीं है को सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए कहा है।
इस सोलर संयंत्र की स्थापना ग्राम पंचायतों द्वारा कराई जाएगी। इसके लिए 600 वाट का सोलर पैनल और 25 एंपियर की बैटरी स्थापित करानी होगी। आदेश आने के बाद जिला पंचायत राज विभाग इसे अमली जामा पहनाने में जुट गया है। जल्द ही बिजली से वंचित स्कूल भी जगमग नजर आएंगे। वर्तमान में पांच सैकड़ा से अधिक परिषदीय विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है। ये वे स्कूल हैं, जिनमें या तो बिजली की लाइन पहुंचना संभव नहीं है या फिर उन गांव में विद्युतीकरण ही नहीं है।
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सीडीओ की अध्यक्षता में गठित होगी सर्वे समिति
विद्यालयों के चयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी शामिल किया जाएगा। ये समिति स्कूलों का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट देगी कि कौन से विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है और होने की संभावना भी नहीं है। उन्हीं विद्यालयों में सोलर संयत्र स्थापित किया जाएगा।
फिटिंग के साथ ही क्रय किए जाएंगे उपकरण
ग्राम पंचायत परिषदीय विद्यालयों में केवल सोलर संयंत्र ही स्थापित नहीं कराएंगी, बल्कि उनमें अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। शासन के आदेश में साफ है कि ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त की धनराशि से स्कूलों में बिजली फिटिंग के साथ-साथ पंखे, ट्यूब लाइट व अन्य उपकरण भी क्रय करने होंगे।
शासन से स्कूलों में सर्वे कर सोलर संयंत्र स्थापित करने का आदेश आया है। इसे कार्य योजना में शामिल कर अमल में लाया जाएगा। इसके लिए सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को पत्र भी जारी किया गया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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इस बार स्कूलों में बच्चों को पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने और गर्मियों में राहत दिलाने के लिए प्रयास किया गया है। राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान विजय किरन आनंद ने इस संबंध में जिले को आदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने ऐसे परिषदीय विद्यालय जहां बिजली कनेक्शन नहीं हैं और होने की संभावना भी नहीं है को सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए कहा है।
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इस सोलर संयंत्र की स्थापना ग्राम पंचायतों द्वारा कराई जाएगी। इसके लिए 600 वाट का सोलर पैनल और 25 एंपियर की बैटरी स्थापित करानी होगी। आदेश आने के बाद जिला पंचायत राज विभाग इसे अमली जामा पहनाने में जुट गया है। जल्द ही बिजली से वंचित स्कूल भी जगमग नजर आएंगे। वर्तमान में पांच सैकड़ा से अधिक परिषदीय विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है। ये वे स्कूल हैं, जिनमें या तो बिजली की लाइन पहुंचना संभव नहीं है या फिर उन गांव में विद्युतीकरण ही नहीं है।
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सीडीओ की अध्यक्षता में गठित होगी सर्वे समिति
विद्यालयों के चयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें जिला पंचायत राज अधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी शामिल किया जाएगा। ये समिति स्कूलों का सर्वे कर अपनी रिपोर्ट देगी कि कौन से विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है और होने की संभावना भी नहीं है। उन्हीं विद्यालयों में सोलर संयत्र स्थापित किया जाएगा।
फिटिंग के साथ ही क्रय किए जाएंगे उपकरण
ग्राम पंचायत परिषदीय विद्यालयों में केवल सोलर संयंत्र ही स्थापित नहीं कराएंगी, बल्कि उनमें अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। शासन के आदेश में साफ है कि ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त की धनराशि से स्कूलों में बिजली फिटिंग के साथ-साथ पंखे, ट्यूब लाइट व अन्य उपकरण भी क्रय करने होंगे।
शासन से स्कूलों में सर्वे कर सोलर संयंत्र स्थापित करने का आदेश आया है। इसे कार्य योजना में शामिल कर अमल में लाया जाएगा। इसके लिए सभी सहायक विकास अधिकारी पंचायत को पत्र भी जारी किया गया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।