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जिले के 83 विद्यालयों में बारिश होते ही हो जाता है जलभराव
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कासगंज। जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की हालात बेहद खराब हैं। बारिश के दिनों में 83 स्कूलों में तो जलभराव हो जाता है, जिससे शिक्षकों व छात्रों को स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस ओर से विभाग उदासीन बना हुआ है।
कोरोना संकट के चलते 31 जुलाई तक के लिए स्कूल बंद चल रहे है। कोरोना संकट खत्म होने पर फिर से स्कूल खुलेंगे। इस समय बारिश का सीजन चल रहा है। जिले के 1434 स्कूलों में से 83 स्कूलों में बारिश होते ही जलभराव हो जाता है।
ऐसे में जब स्कूल खुलेंगे तो फिर बारिश होने की स्थिति में इनमें जलभराव हो जाएगा, जिससे बच्चों को स्कूल आने जाने में दिक्कतें होंगी। पिछले दिनों नोडल अधिकारी मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी की समीक्षा के दौरान अमांपुर 10, गंजडुंडवारा 11, कासगंज 4 पटियाली 8, सहावर 12, सिढ़पुरा 4 तथा सोरों के 34 स्कूलों में यह स्थिति सामने आई। इस पर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की।
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मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप सिंह ने बताया कि समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम सचिवों को एक सप्ताह के भीतर विद्यालय गेट से स्कूल कक्ष तक पाथ-वे का निर्माण कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। एक सप्ताह बाद वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से इस कार्य की सत्यापन कराने के बाद आख्या मंडलायुक्त को प्रेषित की जायेगी। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।
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कोरोना संकट के चलते 31 जुलाई तक के लिए स्कूल बंद चल रहे है। कोरोना संकट खत्म होने पर फिर से स्कूल खुलेंगे। इस समय बारिश का सीजन चल रहा है। जिले के 1434 स्कूलों में से 83 स्कूलों में बारिश होते ही जलभराव हो जाता है।
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ऐसे में जब स्कूल खुलेंगे तो फिर बारिश होने की स्थिति में इनमें जलभराव हो जाएगा, जिससे बच्चों को स्कूल आने जाने में दिक्कतें होंगी। पिछले दिनों नोडल अधिकारी मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी की समीक्षा के दौरान अमांपुर 10, गंजडुंडवारा 11, कासगंज 4 पटियाली 8, सहावर 12, सिढ़पुरा 4 तथा सोरों के 34 स्कूलों में यह स्थिति सामने आई। इस पर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की।
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मुख्य विकास अधिकारी तेज प्रताप सिंह ने बताया कि समस्त सहायक विकास अधिकारी पंचायत, ग्राम सचिवों को एक सप्ताह के भीतर विद्यालय गेट से स्कूल कक्ष तक पाथ-वे का निर्माण कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। एक सप्ताह बाद वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से इस कार्य की सत्यापन कराने के बाद आख्या मंडलायुक्त को प्रेषित की जायेगी। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया जाएगा।