बुखार का प्रकोप: फिरोजाबाद में बीते 15 दिन में 32 बच्चों की मौत, एक सप्ताह के लिए स्कूल बंद
उत्तर प्रदेश में एक सितंबर से पहली से पांचवीं तक के स्कूल खुल रहे हैं, लेकिन फिरोजाबाद जिले में आठवीं तक के स्कूल फिलहाल बंद रहेंगे।
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फिरोजाबाद जिले में डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। 15 दिनों में 50 से अधिक मरीजों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 30 से ज्यादा बच्चे हैं। स्थिति को गंभीरता से देखते हुए डीएम चंद्रविजय सिंह ने कक्षा एक से आठवीं तक सभी निजी और सरकारी स्कूलों का अवकाश एक सप्ताह के लिए घोषित किया है।
डीएम के आदेश के मुताबिक छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य के दृष्टिगत रखते हुए कक्षा एक से आठवीं तक के सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल 31 अगस्त से छह सितंबर तक बंद रहेंगे। यदि किसी भी विद्यालय ने आदेश की अवेहलना की तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। यह आदेश मुख्यमंत्री योगी के दौरे के बाद जारी हुआ।
Firozabad: Classes for std 1-8 in all schools to remain closed till 6th September in wake of spread of dengue. pic.twitter.com/lFxwJFhSev
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) August 30, 2021
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को फिरोजाबाद का दौरा किया। वह राजकीय मेडिकल कॉलेज में वायरल बुखार और डेंगू से पीड़ित मरीजों से मिले। अफसरों के साथ बैठक कर बदइंतजामियों पर नाराजगी जाहिर की। इसके बाद वह सुदामा नगर पहुंचे। यहां उन्होंने बुखार से मरने वाले बच्चों के परिजनों को ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री ने कहा- 32 बच्चों की मौत हुई
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बुखार से 32 बच्चों और सात वयस्कों की मौत हुई है। इसकी विस्तृत जांच कराने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाएगई। उन्होंने बीमारों को बेहतर उपचार देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के साथ जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह, राज्यसभा सांसद अनिल जैन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू का संदिग्ध मामला 18 अगस्त को सामने आया था। जानकारी के अभाव में लोग प्राइवेट उपचार कराते रहे। जानकारी होते ही फ्रेश वार्ड यहां बनाया गया। मेडिकल कॉलेज में तीन मौत हुई है इसमें दो ब्रॉड डेड थे। निजी अस्पताल और घरों में 32 बच्चों व सात वयस्कों की मौत हुई है। मेडिकल एजुकेशन एवं लखनऊ से सर्विलांस की टीम भेजकर जांच करा रहे हैं।
उन्होंने मेडिकल कॉलेज में मैनपॉवर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कहा कि बेहतर उपचार के क्या इंतजाम हो सकते हैं वह किए जाएंगे। मौतों में किस स्तर पर लापरवाही हुई इसकी जमीनी स्तर पर जांच कराके जवाबदेही तय की जाएगी।