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आगरा में 25 मिनट के खूनी संघर्ष का मंजर: खून से सने लोग...लथपथ पड़ीं दो भाइयों की लाशें, सामने जो आया काट दिया
Wed, 09 Oct 2024 10:20 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 09 Oct 2024 10:20 AM IST
सार
आगरा के थाना खंदौली में खूनी संघर्ष 25 मिनट तक चला। खून से सने हुए लोग और दो भाइयों की लाशें जिसने भी देखीं कांप उठा। सूचना पुलिस तक पहुंच गई, लेकिन पुलिसकर्मी दो घंटे बाद पहुंच सके।
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आगरा में 25 मिनट के खूनी संघर्ष का मंजर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के थाना खंदौली क्षेत्रआ के गांव गुड़ा में दो भाइयों की हत्या से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जिस समय झगड़ा हुआ, उस समय आसपास के खेतों में कोई नहीं था। हमलावर रघुवीर और अन्य पर कुल्हाड़ी और फावड़े से हमला करते रहे। 25 मिनट तक हमला हुआ। चीखपुकार मचने पर जब ग्रामीण इकट्ठा हुए तो आरोपी भाग गए। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दे दी गई थी, लेकिन पुलिस को गांव तक पहुंचने में 2 घंटे लग गए।
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मंगलवार सुबह तकरीबन 9:30 बजे रघुवीर सिंह बेटे अनिल और विनय के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत पर जा रहे थे। आरोप है कि बेताल और उसके परिवार के लोगो ने रघुवीर से ट्रैक्टर उनके खेत से ले जाने से मना किया। इस पर वो दूसरे रास्ते से ट्रैक्टर ले गए। रघुवीर खेत पर बेताल के पास ही रुक गए। इस बीच दोनों में विवाद हो गया। बेताल और अन्य ने रघुवीर पर हमला बोला।
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कुल्हाडी और फावड़े से उन पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। रघुवीर की चीखपुकार सुनकर खेत में काम कर रहे उनके भाई सत्यपाल, देवानंद और उनकी पत्नी सरोज बचाने पहुंच गए। मगर, बेताल पक्ष ने तीनों पर हमला बोला। गर्दन पर कुल्हाड़ी और फावड़े से कई प्रहार किए। रघुवीर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सत्यपाल, सरोज और देवानंद गंभीर रूप से घायल हो गए। यह देखकर आरोपी फरार हो गए। जानकारी पर ग्रामीण आ गए। वह घायलों को अस्पताल लेकर पहुंचे। मगर, रास्ते में सत्यपाल ने भी दम तोड़ दिया। सरोज और देवानंद का इलाज चल रहा है।
72 बीघा खेत पर भी हुआ था विवाद
रघुवीर के पिता होती लाल और बेताल के पिता राम सिंह ने झरना नाले के समीप गुड़ा में 72 बीघा खेत खरीदा था। पिता की मौत के बाद खेत को बेताल और रघुवीर के परिवार के लोग जोत रहे थे। दोनों के बीच हिस्से नहीं बांटे गए थे। आपसी सहमति से दोनों अपने-अपने हिस्से की खेती कर रहे थे। रघुवीर को अपने खेतों पर जाने के लिए बेताल के खेतों से होकर जाना पड़ता था। बेताल इसका विरोध करता था। मंगलवार को भी खेत से ट्रैक्टर निकालने को लेकर विवाद के बाद रघुवीर और सत्यपाल की हत्या हुई।
रघुवीर के पिता होती लाल और बेताल के पिता राम सिंह ने झरना नाले के समीप गुड़ा में 72 बीघा खेत खरीदा था। पिता की मौत के बाद खेत को बेताल और रघुवीर के परिवार के लोग जोत रहे थे। दोनों के बीच हिस्से नहीं बांटे गए थे। आपसी सहमति से दोनों अपने-अपने हिस्से की खेती कर रहे थे। रघुवीर को अपने खेतों पर जाने के लिए बेताल के खेतों से होकर जाना पड़ता था। बेताल इसका विरोध करता था। मंगलवार को भी खेत से ट्रैक्टर निकालने को लेकर विवाद के बाद रघुवीर और सत्यपाल की हत्या हुई।
मुकदमे में सात नामजद
एसीपी एत्मादपुर पियूष कांत राय ने बताया कि मृतक रघुवीर के बेटे अनिल ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें बेताल, उसके बेटे सत्यप्रकाश, राहुल, सत्येंद्र, पत्नी किताबश्री, भतीजे कृष्णा और मित्र थान सिंह को नामजद किया है। आरोपी घरों पर ताला डालकर फरार हैं। गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हैं।
एसीपी एत्मादपुर पियूष कांत राय ने बताया कि मृतक रघुवीर के बेटे अनिल ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें बेताल, उसके बेटे सत्यप्रकाश, राहुल, सत्येंद्र, पत्नी किताबश्री, भतीजे कृष्णा और मित्र थान सिंह को नामजद किया है। आरोपी घरों पर ताला डालकर फरार हैं। गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हैं।