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Agra News: फेसबुक पर दिया झांसा, स्क्रीन शेयरिंग एप से खाता खाली
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आगरा। साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं। एक सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक ने फेसबुक पर पेंशनर कार्ड बनवाने का वादा करने वाला विज्ञापन देखा। जानकारी देने पर एक काॅल आई। काॅल करने वाले ने मोबाइल की स्क्रीन शेयर कराकर तीन खातों से 5.93 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर तीन महीने बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गणपति नगर, सिकंदरा निवासी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि वह इंडियन बैंक से वर्ष 2018 में प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। 18 अप्रैल को फेसबुक पर एक आईडी पर इंडियन बैंक पेंशन कार्ड बनवाने का विज्ञापन देखा था। उन्हें लगा कि बैंक की ओर से पेंशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इससे इसमें जानकारी शेयर करने में अपना नाम और कर्मचारी संख्या कोड भेज दिया।
20 अप्रैल की शाम 6:15 बजे उनके मोबाइल पर एक काॅल आई। काॅल करने वाले ने पेंशन कार्ड बनवाने के लिए कुछ सूचनाएं देने के लिए कहा। वह तैयार हो गए। जानकारी लेने के बाद आरोपी ने उनसे मोबाइल स्क्रीन शेयर करने के लिए कहा। एक एप के माध्यम से स्क्रीन शेयर हो गई। शाम 7:17 बजे तक उनके तीन खातों से 5.93 लाख रुपये निकाल लिए गए। मैसेज आने पर जानकारी हुई। मामले में उन्होंने थाना साइबर क्राइम में शिकायत की। जांच के बाद बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने की कहकर निकाले 5.33 लाख
दूसरी घटना बागला धाम, ओल्ड ईदगाह काॅलोनी निवासी विनोद कुमार साहनी के साथ हुई। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर 29 मार्च को अनजान व्यक्ति की काॅल आई। उसने कहा कि बैंक से बोल रहे हैं। इसके बाद पूछा कि आपके पास क्रेडिट कार्ड है। उसकी क्रेडिट लिमिट बढ़ाई जा रही है। यह बात सुनकर वो तैयार हो गए। काॅल करने वाले ने व्यक्तिगत जानकारी ली। इसके बाद मोबाइल एक ओटीपी भेजकर पूछ लिया। कुछ दिन बाद पता चला कि 29 मार्च से 6 अप्रैल तक उनके येस बैंक खाते और एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड से 5.33 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने एनसीआरपी पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
न दें निजी जानकारी, पुलिस से करें शिकायत
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों के साथ नए-नए तरीके से ठगी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर पेंशनर कार्ड बनवाने, बोनस पाॅइंट दिलाने, खाते खुलवाने सहित अन्य तरीके से लालच देता है तो समझ जाएं ठगी होने वाली हैं। इस तरह से किसी विज्ञापन के झांसे में नहीं आएं। यह साइबर अपराधियों के हो सकते हैं। अगर कोई काॅल करके आपकी निजी जानकारी को मांगता है तो देनी नहीं चाहिए। काॅल काट देनी चाहिए। इसी तरह क्रेडिट और डेबिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की कहने वालों से भी सावधान रहें। साइबर ठगी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल करें।
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गणपति नगर, सिकंदरा निवासी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि वह इंडियन बैंक से वर्ष 2018 में प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त हुए थे। 18 अप्रैल को फेसबुक पर एक आईडी पर इंडियन बैंक पेंशन कार्ड बनवाने का विज्ञापन देखा था। उन्हें लगा कि बैंक की ओर से पेंशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इससे इसमें जानकारी शेयर करने में अपना नाम और कर्मचारी संख्या कोड भेज दिया।
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20 अप्रैल की शाम 6:15 बजे उनके मोबाइल पर एक काॅल आई। काॅल करने वाले ने पेंशन कार्ड बनवाने के लिए कुछ सूचनाएं देने के लिए कहा। वह तैयार हो गए। जानकारी लेने के बाद आरोपी ने उनसे मोबाइल स्क्रीन शेयर करने के लिए कहा। एक एप के माध्यम से स्क्रीन शेयर हो गई। शाम 7:17 बजे तक उनके तीन खातों से 5.93 लाख रुपये निकाल लिए गए। मैसेज आने पर जानकारी हुई। मामले में उन्होंने थाना साइबर क्राइम में शिकायत की। जांच के बाद बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने की कहकर निकाले 5.33 लाख
दूसरी घटना बागला धाम, ओल्ड ईदगाह काॅलोनी निवासी विनोद कुमार साहनी के साथ हुई। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर 29 मार्च को अनजान व्यक्ति की काॅल आई। उसने कहा कि बैंक से बोल रहे हैं। इसके बाद पूछा कि आपके पास क्रेडिट कार्ड है। उसकी क्रेडिट लिमिट बढ़ाई जा रही है। यह बात सुनकर वो तैयार हो गए। काॅल करने वाले ने व्यक्तिगत जानकारी ली। इसके बाद मोबाइल एक ओटीपी भेजकर पूछ लिया। कुछ दिन बाद पता चला कि 29 मार्च से 6 अप्रैल तक उनके येस बैंक खाते और एचडीएफसी बैंक के क्रेडिट कार्ड से 5.33 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने एनसीआरपी पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
न दें निजी जानकारी, पुलिस से करें शिकायत
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों के साथ नए-नए तरीके से ठगी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर पेंशनर कार्ड बनवाने, बोनस पाॅइंट दिलाने, खाते खुलवाने सहित अन्य तरीके से लालच देता है तो समझ जाएं ठगी होने वाली हैं। इस तरह से किसी विज्ञापन के झांसे में नहीं आएं। यह साइबर अपराधियों के हो सकते हैं। अगर कोई काॅल करके आपकी निजी जानकारी को मांगता है तो देनी नहीं चाहिए। काॅल काट देनी चाहिए। इसी तरह क्रेडिट और डेबिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की कहने वालों से भी सावधान रहें। साइबर ठगी होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल करें।