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मेडिकल कॉलेज के नाम पर भूमि फर्जीवाड़े की शिकायत
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मैनपुरी। शहर के आगरा रोड पर सात साल पहले शुरू हुए मेडिकल कॉलेज का निर्माण करीब पांच साल से बंद है। अब इस मामले में भाजपा के पूर्व सांसद प्रत्याशी ने भूमि फर्जीवाड़े की शिकायत की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एसएस चौहान ने मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शिकायत करते हुए बताया कि वर्ष 2013 में मेडिकल कॉलेज क निर्माण के लिए आगरा रोड पर खर्रा के पास साईं फाउंडेशन ट्रस्ट ने काम शुरू किया था। शासन को गलत सूचना देकर अनुमति लेने के साथ ही जमीन के लिए भी बड़ा फर्जीवाड़ा किए जाने का उन्होंने आरोप लगाया। शिकायती पत्र में कहा है कि तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने जहां सौ से अधिक गाटा संख्या को एक ही दिन में जांच कर उसे कॉमर्शियल भूमि घोषित कर दिया है।
कई गाटा संख्या तो मुख्य मार्ग से छह किलोमीटर दूर थे। उन्हें रोड के किनारे की भूमि से बदल लिया गया। इनकी कीमत पर जमीन आसमान का अंतर है। शिकायतकर्ता ने बाद में इस जमीन का बैनाम पूर्व सांसद मैनपुरी की मां के नाम करने का भी आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज का प्रोजेक्ट बंद होने के बाद यूनियन बैंक मैनपुरी ने दस करोड़ की रिकवरी के लिए मौके पर पड़ा सामान भी बेच लिया है। ऐसे में पूरे प्रोजेक्ट को भूमि का फर्जीवाड़ा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने की मांग की है।
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भाजपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एसएस चौहान ने मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शिकायत करते हुए बताया कि वर्ष 2013 में मेडिकल कॉलेज क निर्माण के लिए आगरा रोड पर खर्रा के पास साईं फाउंडेशन ट्रस्ट ने काम शुरू किया था। शासन को गलत सूचना देकर अनुमति लेने के साथ ही जमीन के लिए भी बड़ा फर्जीवाड़ा किए जाने का उन्होंने आरोप लगाया। शिकायती पत्र में कहा है कि तत्कालीन उपजिलाधिकारी ने जहां सौ से अधिक गाटा संख्या को एक ही दिन में जांच कर उसे कॉमर्शियल भूमि घोषित कर दिया है।
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कई गाटा संख्या तो मुख्य मार्ग से छह किलोमीटर दूर थे। उन्हें रोड के किनारे की भूमि से बदल लिया गया। इनकी कीमत पर जमीन आसमान का अंतर है। शिकायतकर्ता ने बाद में इस जमीन का बैनाम पूर्व सांसद मैनपुरी की मां के नाम करने का भी आरोप लगाया है। मेडिकल कॉलेज का प्रोजेक्ट बंद होने के बाद यूनियन बैंक मैनपुरी ने दस करोड़ की रिकवरी के लिए मौके पर पड़ा सामान भी बेच लिया है। ऐसे में पूरे प्रोजेक्ट को भूमि का फर्जीवाड़ा बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कराने की मांग की है।
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