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बेटे की हत्या कर दलित महिला ने ब्राह्मण परिवार को फंसाया, अब एससी एसटी आयोग ने कसा शिकंजा

Sun, 16 Sep 2018 09:57 AM IST
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, आगरा
पुनीत शर्मा, अमर उजाला, आगरा Updated Sun, 16 Sep 2018 09:57 AM IST
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sc st commission chairman gave order fir filed against dalit family for fake case
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मथुरा में छह साल के दलित बच्चे की हत्या में फंसाए गए ब्राह्मण परिवार के साथ एससी-एसटी आयोग खड़ा हो गया है। आयोग के चेयरमैन ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए एसएसपी मथुरा को आदेश दिया है कि झूठा मुकदमा लिखवाने वाली महिला के खिलाफ तत्काल रिपोर्ट कराई जाए। इतना ही नहीं बच्चे की हत्या में उसने जो 4 लाख 12 हजार रुपया आर्थिक सहायता का लिया था, उसकी वसूली की जाए। 
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यह सनसनीखेज मामला नौहझील के गांव भैरई का है। गांव की दलित महिला गुड्डी देवी ने 19 अगस्त को अपने छह साल के बेटे प्रिंस की अपने देवर आकाश के साथ मिलकर हत्या कर दी और गांव के ही बच्चू पंडित समेत ब्राह्मण परिवार के पांच लोगों को हत्या और एससीएसटी एक्ट के तहत नामजद करा दिया। 
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4.12 लाख रुपए भी वसूले जाएंगे 

इतना ही नहीं दलित की हत्या पर पहली किस्त के रूप में मिलने वाली 4.12 लाख की रकम भी हासिल कर ली। खुलासा होने के बाद मामला एससी-एसटी आयोग तक भी पहुंच गया। आयोग के चेयरमैन बृजलाल ने स्वत: संज्ञान लेते हुए एसएसपी बबलू कुमार को झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाली दलित महिला के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने को कहा है। 
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उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता वाली जो रकम इस परिवार को दी गई थी उसकी तत्काल वसूली की जाए। साथ ही कहा है कि अगर पैसा देने में लोग आनाकानी करें तो जमीन या फिर मकान को नीलाम करके पैसा वसूला जाए। अमर उजाला से हुई बातचीत में चेयरमैन ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट का किसी भी स्थिति में दुरपयोग नहीं होने दिया जाएगा। आयोग ब्राह्मण परिवार के साथ है।      

बगैर जांच नामजद को भेजा जेल 

पुलिस ने भी गजब की तेजी दिखाई। मुकदमा दर्ज होने के साथ ही 21 अगस्त को बच्चू पंडित को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वो पिछले 21 दिन से जेल काट रहा है। जबकि उसने कोई गुनाह नहीं किया है। अब सवाल यह उठता है कि उसने जो इक्कीस दिन जेल में काटे हैं उनका क्या। 

अगर पुलिस शुरूआत में ही पड़ताल कर लेती तो आज एक बेगुनाह जेल में न होता। इस मामले को लेकर नौहझील क्षेत्र में काफी हंगामा हुआ। महिलाएं तक सड़क पर उतरीं और नामजदगी को झूठा बताते हुए प्रदर्शन किया।
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