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Sawan Somvar 2022: अकबर के मकबरे में 100 साल पहले उमड़ते थे भोले के भक्त, आज भी रहता है निशुल्क प्रवेश

Sun, 24 Jul 2022 10:24 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sun, 24 Jul 2022 10:24 AM IST
सार

100 साल पहले यानी ठीक 1922-23 में कैलाश मेले के दौरान मंदिर परिसर के अलावा अकबर के मकबरे, सिकंदरा में भोले के भक्तों का हुजूम पहुंचता था। सावन के तीसरे सोमवार को कैलाश मेले में सिकंदरा स्मारक में दुकानें लगती थीं। 
 

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Sawan Somvar Crowd of Shiva devotees in the fair held 100 years ago in Akbar's tomb
सिकंदरा स्मारक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताजनगरी आगरा में सावन के तीसरे सोमवार को कैलाश मंदिर पर ऐतिहासिक लक्खी मेला लगेगा। सरकारी कार्यालयों की छुट्टी रहेगी। भोले के लाखों भक्तों का सैलाब यमुना किनारे कैलाश मंदिर पर पहुंचेगा। 100 साल पहले यानी ठीक 1922-23 में कैलाश मेले के दौरान मंदिर परिसर के अलावा अकबर के मकबरे, सिकंदरा में भोले के भक्तों का हुजूम पहुंचता था। सिकंदरा स्मारक के बाहर और अंदर मुख्य दरवाजे से पांच मंजिला मुख्य मकबरे तक दुकानें सजती थीं। मुख्य दरवाजे के अंदर और बाहर लोग झूलों और चाट-पकौड़ी का आनंद लिया करते थे। सिकंदरा स्मारक के अंदर पैर रखने की जगह तक नहीं बचती थी।
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सावन के तीसरे-चौथे सोमवार को निशुल्क प्रवेश

अकबर के मकबरे, सिकंदरा में सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को प्रवेश निशुल्क रहता है। यह परंपरा अब भी जारी है। हालांकि अब स्मारक के अंदर मेला लगाने की इजाजत नहीं है। 
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अंग्रेज कलेक्टर ने घोषित किया अवकाश

कैलाश मेले पर स्थानीय अवकाश की शुरुआत अंग्रेज कलेक्टर ने की थी। इसके पीछे कहानी चर्चित है कि नि:संतान अंग्रेज कलेक्टर ने कैलाश मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मंदिर में महंत के कहने पर मन्नत मांगी। उनके घर संतान हुई। तभी से स्थानीय अवकाश शुरू हो गया। 
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एएसआई कर्मियों की ड्यूटी लगती थी

अकबर के मकबरे के अंदर कैलाश मेला लगता था। सावन के तीसरे और चौथे सोमवार को अन्य स्मारकों से एएसआई के कर्मचारियों को ड्यूटी पर भेजा जाता था। 1998 के बाद मेला बाहर लगने लगा।
-डॉ. आरके दीक्षित, रिटायर्ड एएसआई अधिकारी

18 साल तक अंदर मेला देखा

लगातार 18 साल तक सिकंदरा के अंदर हमने मेला देखा है। बाद में सुरक्षा कारणों से यह फोरकोर्ट में लगने लगा। -एमसी शर्मा, रिटायर्ड एएसआई इंजीनियर
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