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जांच में फेल हुए नमूने, नौ दुकानदारों पर मुकदमा
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मैनपुरी। जांच में नौ दुकानदारों के नमूने फेल होने पर एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहां सुनवाई होने के बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
जिले भर से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए थे। रिपोर्ट में नौ नमूने फेल हो गए थे। ये अधोमानक और मिथ्याछाप पाए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने सभी नौ लोगों के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया है।
इसमें मंछना निवासी जयप्रकाश के खिलाफ लड्डू बनाने में वनस्पति तेल का उपयोग करने, नगला धुरा निवासी आशाराम पर दूध में पानी मिलाने, नगला केहरी निवासी मुकेश कुमार पर कचरी में अखाद्य रंग मिलाने, सौतियाना निवासी अजय कुमार पर काली मिर्च में पपीते के बीच की मिलावट करने का आरोप है।
उधर कुरावली निवासी कृपाल सिंह और शहर के रामलीला मैदान निवासी जयसिंह पर सरसों के तेल में पामोलीन मिलाने, ज्योंती तिराहा निवासी सुरेश चंद्र पर चूरन की गोली के पैक पर मिथ्याछाप, मानपुर हरी निवासी जितेंद्र सिंह पर फैनी वनस्पति घी में बनाने और एलाऊ निवासी जिलेदार सिंह पर अखाद्य रंग युक्त कैंडी बेचने पर कार्रवाई की गई है।
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ये होते हैं अधोमानक और मिथ्याछाप नमूने
जांच के लिए भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थ के नमूने तीन प्रकार से फेल माने जाते हैं। इसमें हानिकारक, अधोमानक और मिथ्याछाप शामिल हैं। अधोमानक नमूने वे होते हैं जिनमें मिलावट या फिर संबंधित खाद्य पदार्थ में उपस्थित होने वाले तत्व मानक के सापेक्ष कम होते हैं। लेकिन इससे मानव शरीर पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है। इसी प्रकार मिथ्याछाप नमूनों में पैकिंग पर गलत जानकारी दर्ज होती है या फिर कोई जानकारी दर्ज नहीं होती है। वहीं हानिकारक मिलने वाले नमूनों में किसी ऐसी वस्तु की मिलावट होती है जो मानव शरीर के लिए हानिकारक होती है।
नौ नमूनों की रिपोर्ट पूर्व में फेल प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई पूर्ण करने के बाद अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमे दायर किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।
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जिले भर से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए थे। रिपोर्ट में नौ नमूने फेल हो गए थे। ये अधोमानक और मिथ्याछाप पाए गए थे। रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने सभी नौ लोगों के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया है।
इसमें मंछना निवासी जयप्रकाश के खिलाफ लड्डू बनाने में वनस्पति तेल का उपयोग करने, नगला धुरा निवासी आशाराम पर दूध में पानी मिलाने, नगला केहरी निवासी मुकेश कुमार पर कचरी में अखाद्य रंग मिलाने, सौतियाना निवासी अजय कुमार पर काली मिर्च में पपीते के बीच की मिलावट करने का आरोप है।
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उधर कुरावली निवासी कृपाल सिंह और शहर के रामलीला मैदान निवासी जयसिंह पर सरसों के तेल में पामोलीन मिलाने, ज्योंती तिराहा निवासी सुरेश चंद्र पर चूरन की गोली के पैक पर मिथ्याछाप, मानपुर हरी निवासी जितेंद्र सिंह पर फैनी वनस्पति घी में बनाने और एलाऊ निवासी जिलेदार सिंह पर अखाद्य रंग युक्त कैंडी बेचने पर कार्रवाई की गई है।
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ये होते हैं अधोमानक और मिथ्याछाप नमूने
जांच के लिए भेजे जाने वाले खाद्य पदार्थ के नमूने तीन प्रकार से फेल माने जाते हैं। इसमें हानिकारक, अधोमानक और मिथ्याछाप शामिल हैं। अधोमानक नमूने वे होते हैं जिनमें मिलावट या फिर संबंधित खाद्य पदार्थ में उपस्थित होने वाले तत्व मानक के सापेक्ष कम होते हैं। लेकिन इससे मानव शरीर पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है। इसी प्रकार मिथ्याछाप नमूनों में पैकिंग पर गलत जानकारी दर्ज होती है या फिर कोई जानकारी दर्ज नहीं होती है। वहीं हानिकारक मिलने वाले नमूनों में किसी ऐसी वस्तु की मिलावट होती है जो मानव शरीर के लिए हानिकारक होती है।
नौ नमूनों की रिपोर्ट पूर्व में फेल प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई पूर्ण करने के बाद अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमे दायर किए गए हैं। अपर जिलाधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद जुर्माना लगाया जाएगा।
डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।