{"_id":"59ca37e44f1c1bcb538b47ed","slug":"samajwadi-party-looses-its-seat-in-agra-zila-panchayat","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले सपा के लिए बुरी खबर, गई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले सपा के लिए बुरी खबर, गई जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 27 Sep 2017 06:20 AM IST
विज्ञापन
जिला पंचायत अागरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में पांच अक्टूबर से होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले समाजवादी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। पार्टी के हाथ से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी भी चली गई। मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में 36 वोट अध्यक्ष के खिलाफ पड़े। जबकि अध्यक्ष ने खुद ही वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
बता दें कि 51 सदस्यों वाली जिला पंचायत में 32 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर पहले ही हस्ताक्षर कर अध्यक्ष कुशल यादव को हटाने करने की मंशा जाहिर कर चुके थे। अंतिम फैसला मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के दौरान वोटिंग में हो गया। भाजपा समर्थित सदस्यों ने इसके लिए पहले ही तानाबाना बुनना शुरू कर दिया था।
हालांकि भाजपा संगठन से हरी झंडी न मिलने और कुछ सदस्यों के बीच तालमेल न बैठ पाने की वजह से इस पर फैसला नहीं हो पा रहा था। भाजपाई खेमे को कुशल यादव के खिलाफ मोर्चा खोलने में सफलता चार सितंबर को मिली। जब कुशल यादव को हटाने के लिए 32 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर शपथपत्र दाखिल किया। इनके नेतृत्व का दावा प्रबल प्रताप सिंह (राकेश बघेल) और चौधरी यशपाल ने किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि 51 सदस्यों वाली जिला पंचायत में 32 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पर पहले ही हस्ताक्षर कर अध्यक्ष कुशल यादव को हटाने करने की मंशा जाहिर कर चुके थे। अंतिम फैसला मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव की बैठक के दौरान वोटिंग में हो गया। भाजपा समर्थित सदस्यों ने इसके लिए पहले ही तानाबाना बुनना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
हालांकि भाजपा संगठन से हरी झंडी न मिलने और कुछ सदस्यों के बीच तालमेल न बैठ पाने की वजह से इस पर फैसला नहीं हो पा रहा था। भाजपाई खेमे को कुशल यादव के खिलाफ मोर्चा खोलने में सफलता चार सितंबर को मिली। जब कुशल यादव को हटाने के लिए 32 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर शपथपत्र दाखिल किया। इनके नेतृत्व का दावा प्रबल प्रताप सिंह (राकेश बघेल) और चौधरी यशपाल ने किया था।
विज्ञापन
15 सदस्यों ने नहीं दिए वोट
जिला पंचायत
- फोटो : अमर उजाला
प्रस्ताव पर मंगलवार को बालूगंज स्थित जिला पंचायत कार्यालय पर दोपहर 12 बजे से बैठक हुई। इसमें 36 वोट जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव के खिलाफ पड़े। हालांकि 15 सदस्य के साथ अध्यक्ष खुद भी वोट देने नहीं पहुंचीं। बैठक से पहले दोनों ही खेमे बहुमत होने का दावा कर रहे थे।
सदस्यों के मोबाइल फोन बंद
वोटिंग से पहले दोनों ही खेमों ने अपने-अपने समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को ‘हाईजैक’ कर गुप्त ठिकानों पर पहुंचा दिया था। ताकि वह किसी से संपर्क न कर सकें। उन्हें कड़ी चौकसी के बीच सीधे बैठक में ले जाया गया। सदस्यों के घरों तक पर पहरा बैठा दिया गया। गुप्त ठिकानों पर छुपाए गए सदस्यों के मोबाइल फोन भी बंद करा दिए गए।
फिर लड़ेंगे चुनाव
मंगलवार को वोटिंग के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष कुशल यादव के प्रतिनिधि राजपाल यादव ने समर्थकों के साथ अपने घर पर बैठक की। इस दौरान राजपाल यादव ने ऐलान किया कि वे दोबारा चुनाव लड़ेंगे।