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सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों में कई संतों के नाम, उद्यमियों ने तो बना लीं कोठियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 03 Nov 2018 01:40 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के वृंदावन बांगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा संबंधी तहसील सदर की रिपोर्ट ने खलबली मचा दी है। कई और आश्रम तथा मंदिर भी इस दायरे में आ गए हैं। यहां तक कि अवैध चिंहित भवनों की लिस्ट में कई बिल्डर और उद्योगपतियों के नाम भी शामिल हैं।
शासन ने एंटी भूमाफिया के अंतर्गत सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाए लोगों को चिंहित करते हुए कार्रवाई के आदेश प्रशासन को दिए हैं। इसके अंतर्गत जनपद में तहसील स्तर पर सूची तैयार की जा रही है।
इसी प्रक्रिया में तहसील सदर द्वारा तैयार की गई वृंदावन बांगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की सूची ने खलबली मचा दी है। इसमें ज्यादातर वृंदावन के बड़े संतों के आश्रम और मंदिर शामिल हैं।
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शासन ने एंटी भूमाफिया के अंतर्गत सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाए लोगों को चिंहित करते हुए कार्रवाई के आदेश प्रशासन को दिए हैं। इसके अंतर्गत जनपद में तहसील स्तर पर सूची तैयार की जा रही है।
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इसी प्रक्रिया में तहसील सदर द्वारा तैयार की गई वृंदावन बांगर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की सूची ने खलबली मचा दी है। इसमें ज्यादातर वृंदावन के बड़े संतों के आश्रम और मंदिर शामिल हैं।
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सरकारी जमीन पर बने आश्रम
सूची के मुताबिक वृंदावन के प्रख्यात संतों ने आश्रम, मंदिर और गोशाला सरकारी जमीन पर बना रखे हैं। वहीं वृंदावन में कई बिल्डरों ने भी सरकारी जमीन को कब्जाते हुए निजी कालोनियों का विकास कर दिया गया है।
इसमें कई बिल्डर तो बनाई गई कालोनियों की बिक्री भी कर चुके हैं। इसके अलावा कई उद्योगपतियों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं, जिनकी कोठियां सरकारी जमीन पर बनी हुई हैं। इस लिस्ट ने प्रशासनिक हलकों के साथ वृंदावन में भी खलबली मचा दी है।
इसमें कई बिल्डर तो बनाई गई कालोनियों की बिक्री भी कर चुके हैं। इसके अलावा कई उद्योगपतियों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं, जिनकी कोठियां सरकारी जमीन पर बनी हुई हैं। इस लिस्ट ने प्रशासनिक हलकों के साथ वृंदावन में भी खलबली मचा दी है।