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Russia Ukraine War: यूक्रेन के पार्कों में लोग बना रहे पेट्रो बम, सैनिक सिखा रहे थे बंदूक चलाना
Sun, 06 Mar 2022 12:17 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Sun, 06 Mar 2022 12:17 PM IST
सार
ताजनगरी का छात्र विवेक चौधरी यूक्रेन से सकुशल वापस घर पहुंच गया है। उसने बताया कि कीव पर रूस के हमले के बाद उजहोरोद में हाई अलर्ट हो गया था। वहां के लोग पार्कों में जमा हो गए। कोई पेट्रोल बम बना रहा था, तो किसी को सैनिक बंदूक चलाना सिखा रहे थे।
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मां प्रेमलता के साथ यूक्रेन से लौटा विवेक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शनिवार को लौटे वायु विहार निवासी 22 वर्षीय विवेक चौधरी ने अपना अनुभव बताया। वह यूक्रेन में उजहोरोद में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि जब यूक्रेन के कीव में हमला शुरू हुआ तो उजहोरोद में हाई अलर्ट हो गया। सुबह जब हम घर से बाहर निकले तो वहां पार्कों में लोग खाली बोतलों में पेट्रोल व कपड़ा भरकर बम बना रहे थे। सैनिक उन्हें बंदूक चलाना सिखा रहे थे।
विवेक के पिता विनोद चौधरी सेना में अधिकारी हैं। शनिवार को बेटे के घर लौटने पर मां प्रेमलता ने उन्हें गले लगा लिया। खुशी के आंसू छलक पड़े। नाना-नानी सहित तमाम रिश्तेदार घर में जुट गए।
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विवेक के पिता विनोद चौधरी सेना में अधिकारी हैं। शनिवार को बेटे के घर लौटने पर मां प्रेमलता ने उन्हें गले लगा लिया। खुशी के आंसू छलक पड़े। नाना-नानी सहित तमाम रिश्तेदार घर में जुट गए।
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बॉर्डर पर थी काफी भीड़
विवेक ने बताया कि 27 फरवरी को हमले शुरू हो गए थे। बैंकों के बाहर लंबी कतार थी। एटीएम बंद हो गए थे। पेट्रोल पंप पर दो किमी लंबी कतार थी। उनके रहने के स्थान से हंगरी बॉर्डर 14 किमी. दूर था। बॉर्डर पर काफी भीड़ थी। वहां पहुंचने के बाद 200 मीटर पार करने में 20 घंटे लग गए। वहां अन्य देशों के छात्र व यूक्रेनियन नागरिक भी थे। वह एक मार्च को हंगरी पहुंचे। वहां तीन दिन दूतावास की तरफ से रहने की व्यवस्था थी। शनिवार सुबह 8:30 बजे विवेक की फ्लाइट दिल्ली पहुंची। शाम 4:30 बजे विवेक घर पहुंच गए।
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