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बंद पड़े बाजारों में कर्फ्यू सा नजारा
बंद पड़े बाजारों में कर्फ्यू सा नजारा
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:54 AM IST
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जिन बाजारों में दिन भर ट्रैफिक जाम रहता था, वहां अब ट्रक भी तेज रफ्तार से दौड़ा लीजिए, कोई दिक्कत नहीं आएगी। सूनी पड़ी हैं सड़कें। शोर-शराबा गुल हो गया, सन्नाटा है। ऐसी दहशत फैली है छापों की अफवाह से कि कई बाजारों में तो कर्फ्यू जैसा नजारा है।
बड़े ही नहीं, छोटे बाजारों तक में ताले लटक गए हैं। किनारी बाजार, राजामंडी, छीपीटोला, कमला नगर, रावतपाड़ा, नमक की मंडी, हींग की मंडी में शनिवार को भी आयकर और वाणिज्य कर के छापों की अफवाह रही। इसी के डर से 70 से 90 फीसदी तक दुकानें नहीं खोली गईं। शुक्रवार को भी बाजार बंद रहे थे।
शनिवार को यमुना पार के छोटे बाजार भी नहीं खुले। अफवाह रही कि वाणिज्य कर विभाग की टीमें नोट बैन के बाद की बिक्री का रिकार्ड चेक करने के लिए निकली हैं। जो दुकानदार रिकार्ड नहीं दे पा रहे, उनके चालान काटे जा रहे हैं।
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आठ की रात और नौ की सुबह रिकार्ड बिक्री हुई थी। बताया जा रहा है कि ज्यादातर दुकानदारों ने इसका विवरण नहीं रखा। लोगों ने भी बगैर बिल के ही सामान खरीद लिया। अब डर है कि कहीं छापे में फंस न जाएं। इस डर से बाजार बंद रखे जा रहे हैं। हालांकि अभी तक आयकर और वाणिज्य कर विभाग ने बाजारों में कोई छापामारी नहीं की है।
हालांकि एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि दुकानें बंद करके दुकानदार बैंकों की लाइनों में लग गए हैं ताकि नए नोट उन्हें मिल जाएं और वे सामान खरीदकर ला सकें। पुराने नोट अब चल नहीं रहे। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। बाजारों में जहां भी बैंक या एटीएम है, वहां भीड़ है।
बड़े ही नहीं, छोटे बाजारों तक में ताले लटक गए हैं। किनारी बाजार, राजामंडी, छीपीटोला, कमला नगर, रावतपाड़ा, नमक की मंडी, हींग की मंडी में शनिवार को भी आयकर और वाणिज्य कर के छापों की अफवाह रही। इसी के डर से 70 से 90 फीसदी तक दुकानें नहीं खोली गईं। शुक्रवार को भी बाजार बंद रहे थे।
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शनिवार को यमुना पार के छोटे बाजार भी नहीं खुले। अफवाह रही कि वाणिज्य कर विभाग की टीमें नोट बैन के बाद की बिक्री का रिकार्ड चेक करने के लिए निकली हैं। जो दुकानदार रिकार्ड नहीं दे पा रहे, उनके चालान काटे जा रहे हैं।
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आठ की रात और नौ की सुबह रिकार्ड बिक्री हुई थी। बताया जा रहा है कि ज्यादातर दुकानदारों ने इसका विवरण नहीं रखा। लोगों ने भी बगैर बिल के ही सामान खरीद लिया। अब डर है कि कहीं छापे में फंस न जाएं। इस डर से बाजार बंद रखे जा रहे हैं। हालांकि अभी तक आयकर और वाणिज्य कर विभाग ने बाजारों में कोई छापामारी नहीं की है।
हालांकि एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि दुकानें बंद करके दुकानदार बैंकों की लाइनों में लग गए हैं ताकि नए नोट उन्हें मिल जाएं और वे सामान खरीदकर ला सकें। पुराने नोट अब चल नहीं रहे। इससे कारोबार प्रभावित हो रहा है। बाजारों में जहां भी बैंक या एटीएम है, वहां भीड़ है।