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Agra News: नियमों को लगाई आग, राख हुआ फोम गोदाम
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आग बुझाते दमकलकर्मी
आगरा। घनी आबादी वाले नाई की मंडी के बड़ा गालिबपुरा स्थित नेहरा वाली गली में मंगलवार सुबह शार्ट सर्किट से मकान में संचालित फोम गोदाम में भीषण आग लग गई। धुआं उठने पर पहली मंजिल पर रह रहे मकान मालिक इमरान उर्फ भोलू को पता चला। बाहर आते समय उनकी मां मुमताज झुलस गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। नियमों को दरकिनार कर छह फीट की गली में गोदाम का संचालन हो रहा था। आग बुझाने के उपकरण भी नहीं थे। इसके कारण गोदाम तक दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंच सकीं। बाद में दो गाड़ियों से 30-30 मीटर के 13 पाइप जोड़कर पानी डाला गया। तब दो घंटे में आग बुझ सकी। गोदाम मालिक ने लाखों के नुकसान की बात कही।
घटना सुबह 8:30 बजे की है। नेहरा वाली गली निवासी इमरान उर्फ भोलू के मकान के भूतल पर दो कमरे बने हैं। इनमें बिल्लोचपुरा, ताजगंज निवासी जुनैद फोम का गोदाम चलाते हैं। पहली मंजिल पर इमरान, अपनी मां मुमताज और पत्नी के साथ रहते हैं। इमरान ने बताया कि गोदाम बंद था। सुबह धुआं निकलने पर उन्हें जानकारी हुई। वह भूतल पर आए तो लपटें उठ रही थीं। यह देखकर वो घबरा गए और शोर मचा दिया। पत्नी और मां सीढि़यों से नीचे आ रही थीं तभी मां के हाथ झुलस गए।
गली में आसपास घर बने हुए थे। लपटें और धुआं देखकर लोग घरों से बाहर आ गए और आग बुझाने का प्रयास करने लगे। वहीं सूचना पर पुलिस और दमकल की दो गाड़ियां पहुंच गईं मगर संकरी गली होने के कारण दमकलकर्मी गोदाम तक नहीं जा सकीं। फिर पाइपों को जोड़कर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। दो घंटे बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि आग शार्ट सर्किट से लगने की आशंका है। जांच की जा रही है। गोदाम मालिक ने लाखों के नुकसान की बात कही है।
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संकरी गली में जूता-केमिकल कारखाने और गोदाम
जगदीशपुरा, नाई की मंडी, मंटोला की गलियों में कई जूता-केमिकल के कारखाने और गोदाम चल रहे हैं। इनमें आग बुझाने के इंतजाम तक नहीं है। कई बार अग्निकांड की घटनाओं के बाद भी इन पर रोक नहीं लग सकी है। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग लगने की घटनाएं होती हैं। पूर्व में आबादी वाले क्षेत्र में केमिकल के भंडारण को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम ने अभियान चलाया था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। चंद दिन के बाद फिर वही हालात हो गए।
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देर तक सुलगते रहे फोम के बंडल
मकान मालिक इमरान ने बताया कि मां हाथ झुलसने पर मां को अस्पताल लेकर गए थे। वह खतरे से बाहर हैं। अगर कुछ देर हो जाती तो हम सब पहली मंजिल पर फंस जाते। दोपहर में फोम के बंडल निकाले गए तो वह सुलग रहे थे। बंडल खोलते समय कुछ लोगों के हाथ झुलस गए।
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घटना सुबह 8:30 बजे की है। नेहरा वाली गली निवासी इमरान उर्फ भोलू के मकान के भूतल पर दो कमरे बने हैं। इनमें बिल्लोचपुरा, ताजगंज निवासी जुनैद फोम का गोदाम चलाते हैं। पहली मंजिल पर इमरान, अपनी मां मुमताज और पत्नी के साथ रहते हैं। इमरान ने बताया कि गोदाम बंद था। सुबह धुआं निकलने पर उन्हें जानकारी हुई। वह भूतल पर आए तो लपटें उठ रही थीं। यह देखकर वो घबरा गए और शोर मचा दिया। पत्नी और मां सीढि़यों से नीचे आ रही थीं तभी मां के हाथ झुलस गए।
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गली में आसपास घर बने हुए थे। लपटें और धुआं देखकर लोग घरों से बाहर आ गए और आग बुझाने का प्रयास करने लगे। वहीं सूचना पर पुलिस और दमकल की दो गाड़ियां पहुंच गईं मगर संकरी गली होने के कारण दमकलकर्मी गोदाम तक नहीं जा सकीं। फिर पाइपों को जोड़कर आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। दो घंटे बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि आग शार्ट सर्किट से लगने की आशंका है। जांच की जा रही है। गोदाम मालिक ने लाखों के नुकसान की बात कही है।
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संकरी गली में जूता-केमिकल कारखाने और गोदाम
जगदीशपुरा, नाई की मंडी, मंटोला की गलियों में कई जूता-केमिकल के कारखाने और गोदाम चल रहे हैं। इनमें आग बुझाने के इंतजाम तक नहीं है। कई बार अग्निकांड की घटनाओं के बाद भी इन पर रोक नहीं लग सकी है। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग लगने की घटनाएं होती हैं। पूर्व में आबादी वाले क्षेत्र में केमिकल के भंडारण को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम ने अभियान चलाया था लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। चंद दिन के बाद फिर वही हालात हो गए।
देर तक सुलगते रहे फोम के बंडल
मकान मालिक इमरान ने बताया कि मां हाथ झुलसने पर मां को अस्पताल लेकर गए थे। वह खतरे से बाहर हैं। अगर कुछ देर हो जाती तो हम सब पहली मंजिल पर फंस जाते। दोपहर में फोम के बंडल निकाले गए तो वह सुलग रहे थे। बंडल खोलते समय कुछ लोगों के हाथ झुलस गए।