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अटलपुरम टाउनशिप: सड़कों पर बिछेगा जीएसबी का कवच, मानसून से पहले पूरा होगा कार्य; अब सेक्टर आठ के लिए बुकिंग
Thu, 12 Feb 2026 08:41 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 12 Feb 2026 08:41 PM IST
सार
अटलपुरम टाउनशिप में काम की रफ्तार को और तेज करने के लिए उपाध्यक्ष ने मशीनरी और मजदूरों की संख्या में तत्काल बढ़ोतरी करने को कहा है। उन्होंने पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) को निर्देशित किया कि योजना के फेज-1 के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
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निरीक्षण करतीं एडीए उपाध्यक्ष।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा की अटलपुरम टाउनशिप में मॉडल रोड बनेंगी। जिनके ऊपर जीएसबी (ग्रैनुलर सब-बेस) का कवच होगा। इससे बारिश में सड़कों पर जलभराव नहीं होगा। न भारी वाहनों के दबाव से सड़क धंसेगी। बृहस्पतिवार को उपाध्यक्ष एम अरुनमोली ने निरीक्षण कर बारिश से पहले जीएसबी का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर हाइवे स्थित ककुआ और भांडाई में मुख्यमंत्री नए शहर विस्तारीकरण योजना के तहत 138 हेक्टेयर में विकसित हो रही अटलपुरम के कार्यों की रफ्तार परखने शुक्रवार को आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एम अरुनमोली कार्य स्थल पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी मानसून से पहले टाउनशिप की सड़कों पर जीएसबी (ग्रैनुलर सब-बेस) डालने का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। ताकि निर्माण की गति प्रभावित न हो।
मजदूर और मशीनें बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कार्यदायी एजेंसी ने बताया कि अब तक कटिंग और फिलिंग का करीब 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, काम की रफ्तार को और तेज करने के लिए उपाध्यक्ष ने मशीनरी और मजदूरों की संख्या में तत्काल बढ़ोतरी करने को कहा है। उन्होंने पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) को निर्देशित किया कि योजना के फेज-1 के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
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सुरक्षा और पर्यावरण का रखा जाए खयाल
अटलपुरम में मौजूद पुराने पेड़ों को लेकर उपाध्यक्ष ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि पेड़ों की सुरक्षा के लिए ईंटों के गमले बनाए जाएं। और किसी भी स्तर पर वृक्षों को नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, सुरक्षा के दृष्टिगत गार्ड्स की संख्या बढ़ाने और साइट पर मौजूद अनुपयोगी पुराने ढांचों को ध्वस्त करने के आदेश भी दिए हैं।
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ग्वालियर हाइवे स्थित ककुआ और भांडाई में मुख्यमंत्री नए शहर विस्तारीकरण योजना के तहत 138 हेक्टेयर में विकसित हो रही अटलपुरम के कार्यों की रफ्तार परखने शुक्रवार को आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष एम अरुनमोली कार्य स्थल पर पहुंची। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी मानसून से पहले टाउनशिप की सड़कों पर जीएसबी (ग्रैनुलर सब-बेस) डालने का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। ताकि निर्माण की गति प्रभावित न हो।
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मजदूर और मशीनें बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कार्यदायी एजेंसी ने बताया कि अब तक कटिंग और फिलिंग का करीब 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि, काम की रफ्तार को और तेज करने के लिए उपाध्यक्ष ने मशीनरी और मजदूरों की संख्या में तत्काल बढ़ोतरी करने को कहा है। उन्होंने पीएमसी (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट) को निर्देशित किया कि योजना के फेज-1 के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
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सुरक्षा और पर्यावरण का रखा जाए खयाल
अटलपुरम में मौजूद पुराने पेड़ों को लेकर उपाध्यक्ष ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने निर्देश दिए कि पेड़ों की सुरक्षा के लिए ईंटों के गमले बनाए जाएं। और किसी भी स्तर पर वृक्षों को नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, सुरक्षा के दृष्टिगत गार्ड्स की संख्या बढ़ाने और साइट पर मौजूद अनुपयोगी पुराने ढांचों को ध्वस्त करने के आदेश भी दिए हैं।
टाउनशिप के रास्ते में आ रहे बिजली के खंभों को हटाने के लिए अधिशासी अभियंता को विद्युत विभाग से समन्वय करने को कहा गया है। साथ ही, अगले 10 दिनों के भीतर टाउनशिप की चहारदीवारी का डिजाइन फाइनल कर निर्माण शुरू करने की डेडलाइन तय की गई है। समीक्षा बैठकों में अब ईपीसी एजेंसी के मैनेजर और एमडी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
यह है जीएसबी की खासियत
जीएसबी सड़क के निर्माण में सबग्रेड (मिट्टी) के ठीक ऊपर स्थित होती है। इसमें प्राकृतिक रेत, बजरी, या कुचले हुए पत्थर का उपयोग किया जाता है। भारी यातायात के भार को निचली मिट्टी की परत पर फैलाकर सड़क को धंसने से बचाती है। पानी के रिसाव को रोकता है और जल निकासी परत के रूप में काम करता है, जिससे सड़क में गड्ढे नहीं बनते। ऊपरी परतों के लिए एक स्थिर आधार प्रदान करती है। इसकी मोटाई 150 मिमी या उससे अधिक रखी जाती है।
आज से शुरू होगी सेक्टर 8 में बुकिंग
अटलपुरम टाउनशिप में करीब 1400 भूखंड हैं। सेक्टर 1 से 7 तक करीब 500 भूखंड बिक चुके हैं। सेक्टर 8 में भूखंडों की बिक्री के लिए शुक्रवार से बुकिंग शुरू होगी। मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप पंजीकरण की शुरुआत करेंगे।
यह है जीएसबी की खासियत
जीएसबी सड़क के निर्माण में सबग्रेड (मिट्टी) के ठीक ऊपर स्थित होती है। इसमें प्राकृतिक रेत, बजरी, या कुचले हुए पत्थर का उपयोग किया जाता है। भारी यातायात के भार को निचली मिट्टी की परत पर फैलाकर सड़क को धंसने से बचाती है। पानी के रिसाव को रोकता है और जल निकासी परत के रूप में काम करता है, जिससे सड़क में गड्ढे नहीं बनते। ऊपरी परतों के लिए एक स्थिर आधार प्रदान करती है। इसकी मोटाई 150 मिमी या उससे अधिक रखी जाती है।
आज से शुरू होगी सेक्टर 8 में बुकिंग
अटलपुरम टाउनशिप में करीब 1400 भूखंड हैं। सेक्टर 1 से 7 तक करीब 500 भूखंड बिक चुके हैं। सेक्टर 8 में भूखंडों की बिक्री के लिए शुक्रवार से बुकिंग शुरू होगी। मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप पंजीकरण की शुरुआत करेंगे।
अटलपुरम की ये हैं खासियत
इनर रिंग रोड के पास विकसित की हो रही इस टाउनशिप से यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी आसान होगी।
यहां अंडरग्राउंड वायरिंग, चौड़ी सड़कें और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम प्रस्तावित है।
योजना का एक बड़ा हिस्सा उद्यानों और हरित पट्टी के लिए आरक्षित रखा गया है, ताकि यह इको-फ्रेंडली टाउनशिप बने।
आवासीय भूखंडों के साथ-साथ यहां व्यावसायिक गतिविधियां और सामुदायिक सुविधाओं के लिए भी विशेष क्लस्टर बनाए जा रहे हैं।
इनर रिंग रोड के पास विकसित की हो रही इस टाउनशिप से यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी आसान होगी।
यहां अंडरग्राउंड वायरिंग, चौड़ी सड़कें और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम प्रस्तावित है।
योजना का एक बड़ा हिस्सा उद्यानों और हरित पट्टी के लिए आरक्षित रखा गया है, ताकि यह इको-फ्रेंडली टाउनशिप बने।
आवासीय भूखंडों के साथ-साथ यहां व्यावसायिक गतिविधियां और सामुदायिक सुविधाओं के लिए भी विशेष क्लस्टर बनाए जा रहे हैं।