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नदियों से मिलेगी नहर, माइनर और रजबहों की धार

Wed, 03 Feb 2021 10:08 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2021 10:08 PM IST
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Rivers will get the edge of canal, minor and Rajbahon
कासगंज खास खबर नदियों से मिलेगी नहर, माइनर और रजवाहों की धार संबंधित फोटो कासगंज की हजारा नहर - फोटो : KASGANJ
कासगंज। जल संरक्षण की दिशा में जिले में एक और मजबूत पहल की गई है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने जिले में सिंचाई विभाग के सहयोग से कार्ययोजना तैयार की है। नहर, माइनरों और रजबहों का अनुपयोगी पानी नदियों तक पहुंचाने के लिए रास्ता बनाने की तैयारी है। सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। जल्द ही काम शुरू करने की तैयारी की गई है।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ (वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड) ने जिले में जल, पर्यावरण और जीव संरक्षण के लिए प्रयास तेज किए हैं। वन विभाग से सहयोग लेकर पर्यावरण और जीव संरक्षण के लिए कार्य योजनाएं बनाई हैं। जल संरक्षण के लिए सिंचाई विभाग का सहयोग लिया है।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम द्वारा किए गए सर्वेक्षण में पाया गया है कि जिले में नहर, माइनर, रजबाहों और नदियों का जाल है लेकिन थोड़ी सी पहल के कारण यह जलस्रोत एक दूसरे से नहीं मिल पा रहे। नहर, माइनर और रजबाहों का सिंचाई के बाद जो पानी बचता है वह व्यर्थ चला जाता है। यदि वह पानी नदियों में मिला दिया जाए तो जल का और अच्छा संरक्षण होगा। टीम ने देखा है कि नहर, नदियों, माइनरों और रजबाहे कई इलाकों में बेहद कम दूरी पर हैं।
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यदि वहां रास्ते बन जाएं तो नदियों तक पानी पहुंच सकेगा। टीम ने सर्वे की रिपोर्ट पूरी कार्य योजना सहित तैयार कर सिंचाई विभाग को दे दी है। जल्द ही सिंचाई विभाग और
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम काली नदी, कछला गंगा नदी से नहर, माइनरों और रजबाहों को जोड़ने को काम शुरू कराएगी।
धनराशि वहन करेगा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ
नहर, माइनर और रजबाहों का पानी नदियों तक पहुंचाने के लिए जो रास्ते बनाए जाएंगे उन रास्तों पर होने वाला खर्च डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा वहन किया जाएगा। हालांकि अभी व्यय होने वाली धनराशि का पूरा ब्योरा तैयार नहीं हुआ है, लेकिन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने स्पष्ट कर दिया है कि जैसे ही सिंचाई विभाग एस्टिमेट दे देगा तो फिर धनराशि स्वीकृति के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

आंकड़े की नजर से-
- 3 नहरों को नदियों से जोड़ने की है तैयारी।
- 7 माइनरों का पानी नदियों में पहुंचाने की तैयारी।
- 2 रजबाहे नदियों से जोड़े जाएंगे।
वर्जन-
- हमारी टीम ने सर्वे का काम पूरा कर लिया है। सर्वे की रिपोर्ट सिंचाई विभाग को दे दी है। जैसे ही एस्टीमेट मिलेगा धनराशि स्वीकृति के लिए पत्रावली आगे बढ़ाई जाएगी। राजेश वाजपेई, सीनियर कोआर्डिनेटर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ।
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