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UP: फरवरी में इतनी गर्मी से गेहूं पर संकट, हीट स्ट्रेस से घटेगा दाना; वैज्ञानिकों ने बताया बचाव का तरीका
Mon, 16 Feb 2026 09:32 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 16 Feb 2026 09:32 AM IST
सार
गेहूं की फसल के लिए फरवरी माह में इतनी गर्मी सही नहीं है। गेहूं की फसल पर हीट स्ट्रेस का खतरा मंडराने लगा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव करने की सलाह दी है।
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गेहूं की फसल। स्रोत: संवाद
विस्तार
फरवरी में तापमान में तेजी से हो रही वृद्धि के बीच गेहूं की फसल पर हीट स्ट्रेस का खतरा मंडराने लगा है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार अधिक गर्मी के कारण फसल समय से पहले पकने लगती है, जिससे बालियां छोटी रह जाती हैं और दाना पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता। इसका सीधा असर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर पड़ता है। दाने सिकुड़ जाते हैं और बाजार मूल्य भी प्रभावित हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तापमान बढ़ने पर पौधों पर जैविक दबाव बढ़ जाता है। इस स्थिति में पत्तियां समय से पहले पीली पड़ने लगती हैं, प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया प्रभावित होती है और दाना भराव कमजोर रह जाता है। यदि समय रहते प्रबंधन नहीं किया गया तो उपज में गिरावट आ सकती है।
डॉ. चौहान ने कहा कि किसान पोटेशियम नाइट्रेट (13:0:45) का छिड़काव करें। इसमें उपलब्ध पोटाश तत्व पौधे की हरियाली बनाए रखने, दाना भराव को मजबूत करने और हीट स्ट्रेस के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है। इससे बालियां बेहतर विकसित होती हैं और दाने की गुणवत्ता सुधरती है। उन्होंने बताया कि 200 ग्राम पोटेशियम नाइट्रेट को 100 लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़काव करें। 15 दिन के अंतराल पर दो बार स्प्रे करना लाभकारी रहेगा।
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कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि तापमान बढ़ने पर पौधों पर जैविक दबाव बढ़ जाता है। इस स्थिति में पत्तियां समय से पहले पीली पड़ने लगती हैं, प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया प्रभावित होती है और दाना भराव कमजोर रह जाता है। यदि समय रहते प्रबंधन नहीं किया गया तो उपज में गिरावट आ सकती है।
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डॉ. चौहान ने कहा कि किसान पोटेशियम नाइट्रेट (13:0:45) का छिड़काव करें। इसमें उपलब्ध पोटाश तत्व पौधे की हरियाली बनाए रखने, दाना भराव को मजबूत करने और हीट स्ट्रेस के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है। इससे बालियां बेहतर विकसित होती हैं और दाने की गुणवत्ता सुधरती है। उन्होंने बताया कि 200 ग्राम पोटेशियम नाइट्रेट को 100 लीटर पानी में घोलकर एक हेक्टेयर क्षेत्र में छिड़काव करें। 15 दिन के अंतराल पर दो बार स्प्रे करना लाभकारी रहेगा।
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